रीमा सिंह
मुंबई, 18 सितंबर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीछे देश की 140 करोड़ जनता का आशीर्वाद है। इसलिए उनकी ग्रहदशा की चिंता करने के बजाय संजय राऊत को आदित्य ठाकरे और मातोश्री की राजनीतिक स्थिति पर आत्मचिंतन करना चाहिए। यह टिप्पणी भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने शुक्रवार को की।
दीप जलाने की परंपरा भाजपा आगे बढ़ा रही : बन
नवनाथ बन ने कहा कि दीप जलाने की भारतीय परंपरा को भाजपा आगे बढ़ा रही है, जबकि राजनीतिक दल और नेताओं का करियर खत्म करना आपकी परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को उसकी आत्मा माना जाता है और जनता यदि एकनाथ शिंदे के साथ है, तो लोकतंत्र का जनादेश भी उनके साथ है।
कांग्रेस से नजदीकी को लेकर राऊत पर निशाना
उन्होंने आरोप लगाया कि संजय राऊत राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ काम कर रहे हैं। चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर राऊत की टिप्पणियों का जवाब देते हुए बन ने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले उन्हें अपने राजनीतिक गठबंधन और गतिविधियों के बारे में महाराष्ट्र की जनता को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
उबाठा-कांग्रेस विलय को लेकर लगाया आरोप
बन ने आगे आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले उबाठा गुट को कांग्रेस के साथ जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर राजनीतिक समझौता किया गया है। उन्होंने दावा किया कि राऊत को राहुल गांधी की ओर से इसकी जिम्मेदारी दी गई है और उबाठा गुट को कांग्रेस में विलय कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
2019 के गठबंधन का भी किया उल्लेख
2019 के विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए बन ने उद्धव ठाकरे पर महायुति के साथ चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस के साथ सरकार बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय भाजपा के नाम पर वोट मांगने के बाद सत्ता के लिए गठबंधन बदलना जनता के जनादेश का अनादर था। बन ने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव में जनता ने इसका जवाब दिया और भविष्य में भी जनता अपना निर्णय देगी।
सूखे के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा
दुष्काळ के मुद्दे पर बन ने कहा कि शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर सूखे की स्थिति पर सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि शरद पवार वरिष्ठ नेता हैं, इसलिए सरकार उनके सुझावों पर निश्चित रूप से विचार करेगी। बन के अनुसार, महायुति सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और सरकार ने किसानों की कर्जमाफी भी की है।
5 अक्टूबर के बाद स्थिति का जायजा लेने की बात
उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर के बाद स्थिति का जायजा लेकर मराठवाड़ा, विदर्भ और पश्चिम महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। बन ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि पूर्व में नेताओं ने खेतों पर जाकर घोषणाएं तो कीं, लेकिन किसानों को वास्तविक सहायता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों की समस्याओं पर आवश्यक कदम उठा रही है।
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