15 अक्टूबर से लागू होने वाली नई शुल्क व्यवस्था को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है
जानें 2,000 रुपये से ज्यादा के व्यापारी भुगतान पर क्या बदलेगा, ग्राहकों को शुल्क क्यों नहीं देना होगा, व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान कैसे मुफ्त रहेगा और छोटे व्यापारियों के लिए क्या व्यवस्था होगी
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 16 सितंबर। नए नियमों के बाद यूपीआई भुगतान को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जानें 2,000 रुपये तक के भुगतान, बड़े व्यापारी लेनदेन, छोटे दुकानदारों, 75,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान और मासिक यूपीआई इस्तेमाल से जुड़े नियम। समझें ग्राहकों पर इसका वास्तविक असर क्या होगा।
UPI Rules : आम ग्राहकों के लिए क्या रहेगा मुफ्त?
नए नियमों के तहत व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
लेनदेन की रकम कितनी भी हो, भुगतान मुफ्त रहेगा।
किसी व्यक्ति के खाते में पैसा प्राप्त करने पर भी शुल्क नहीं लगेगा।
व्यापारियों को 2,000 रुपये तक के भुगतान पर भी शुल्क नहीं देना होगा।
इससे रोजमर्रा की छोटी खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा।
UPI Payment : 2,000 रुपये से ऊपर भुगतान पर शुल्क
15 अक्टूबर से व्यापारियों को 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ भुगतान पर शुल्क देना होगा।
इस शुल्क की दर 0.4 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
यह व्यवस्था व्यक्ति से व्यापारी वाले भुगतान पर लागू होगी।
इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को अतिरिक्त रकम देनी होगी।
बैंकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
व्यापारी भी यह शुल्क ग्राहक के बिल में नहीं जोड़ सकेंगे।
Merchant Payments : छोटे दुकानदारों के लिए क्या नियम है?
छोटे व्यापारियों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है।
यूपीआई क्यूआर से महीने में एक लाख रुपये तक लेने वाले व्यापारी इसमें शामिल हैं।
ऐसे योग्य लेनदेन पर शून्य शुल्क की व्यवस्था जारी रहेगी।
इससे छोटे दुकानदारों और स्थानीय कारोबारियों को राहत मिल सकती है।
खासकर कम मूल्य वाले रोजाना के भुगतान इससे प्रभावित नहीं होंगे।
UPI Transaction : बड़े भुगतान पर शुल्क की सीमा
75,000 रुपये या उससे ज्यादा के लेनदेन पर शुल्क की अधिकतम सीमा तय की गई है।
ऐसे लेनदेन पर शुल्क 300 रुपये से अधिक नहीं होगा।
कुछ जरूरी सेवाओं के लिए अलग शुल्क व्यवस्था रखी गई है।
रेलवे, दूरसंचार, बीमा और ईंधन इसमें शामिल हैं।
2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर इन क्षेत्रों में 5 रुपये का शुल्क होगा।
UPI Payment Rules : शेयर और म्यूचुअल फंड भुगतान
म्यूचुअल फंड और प्रतिभूति से जुड़े कुछ भुगतानों पर अलग दर रखी गई है।
इन लेनदेन पर 0.02 प्रतिशत शुल्क निर्धारित किया गया है।
इस शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।
इसलिए सभी बड़े यूपीआई भुगतान पर एक जैसी दर लागू नहीं होगी।
भुगतान किस क्षेत्र और श्रेणी में आता है, यह महत्वपूर्ण रहेगा।
Monthly UPI Usage : कोई मासिक कोटा नहीं
आम लोगों के लिए यूपीआई इस्तेमाल करने की कोई मासिक सीमा तय नहीं की गई है।
लोग बिना किसी मासिक कोटे के यूपीआई भुगतान कर सकेंगे।
इसके लिए अलग से प्लेटफॉर्म शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
कुछ भुगतान श्रेणियों में दैनिक सीमा जरूर लागू रहती है।
यह सीमा सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन के लिए होती है।
दैनिक सीमा का मतलब अतिरिक्त शुल्क लगना नहीं है।
UPI Rules : ग्राहकों के लिए क्या समझना जरूरी है?
नए नियम मुख्य रूप से व्यापारी भुगतान की शुल्क व्यवस्था से जुड़े हैं।
आम व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान भी मुफ्त रहेंगे।
2,000 रुपये से अधिक के योग्य व्यापारी भुगतान में शुल्क व्यापारी स्तर पर लागू होगा।
ग्राहकों को इसके लिए अलग रकम देने की जरूरत नहीं होगी।
इसलिए यूपीआई इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए मासिक शुल्क की बात सही नहीं है।
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