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Kishau Dam पर जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर निशाना

Jairam Thakur on Kishau Dam Jairam Thakur on Kishau Dam
Jairam Thakur on Kishau Dam

किशाऊ बांध परियोजना के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया

उन्होंने कहा कि केंद्र और संबंधित राज्यों में भाजपा सरकार बनने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ

न्यूज़म ब्यूरो

शिमला, 15 सितंबर। Kishau Dam परियोजना को लेकर हिमाचल प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परियोजना के समझौते पर केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों को श्रेय दिया। उन्होंने दिल्ली और राजस्थान की पिछली सरकारों पर परियोजना में देरी का आरोप लगाया। साथ ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दावों पर भी सवाल उठाए।

“भाजपा सरकारें आईं, तभी बनी Kishau Dam पर सहमति” : Jairam Thakur

शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किशाऊ बांध परियोजना को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने का स्वागत किया। जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। उन्होंने संबंधित राज्यों की भाजपा सरकारों को भी धन्यवाद दिया।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने में केंद्र की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने राज्यों के साथ लगातार बातचीत की। उनके अनुसार इसी प्रयास से परियोजना पर सहमति बन सकी।

Kishau Dam को लेकर जयराम ठाकुर का दावा

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के समय भी परियोजना को आगे बढ़ाने की पहल हुई थी। उनके अनुसार उस समय दिल्ली और राजस्थान की सरकारों से सहमति नहीं बन पाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों राज्य अपनी हिस्सेदारी को लेकर पीछे हटते रहे।

जयराम ठाकुर ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के बाद परियोजना को गति मिली। उनके अनुसार दिल्ली और राजस्थान में भाजपा सरकार बनने से सहमति का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचल के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्यों ने आगे बढ़ने पर सहमति दी।

परियोजना में खर्च को लेकर बनी सहमति

जयराम ठाकुर ने कहा कि समझौते के तहत दिल्ली 75 प्रतिशत खर्च वहन करेगी। राजस्थान 25 प्रतिशत खर्च वहन करने पर सहमत हुआ है। उन्होंने कहा कि इसी सहमति के बाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

उन्होंने परियोजना की बढ़ती लागत का भी उल्लेख किया। जयराम ठाकुर के अनुसार अब इसकी लागत करीब 15 हजार करोड़ रुपये पहुंच रही है। पांच वर्ष पहले यह लागत करीब 11.5 हजार करोड़ रुपये बताई गई थी।

उन्होंने कहा कि यदि पहले ही सभी राज्यों में भाजपा की सरकार होती, तो परियोजना काफी आगे बढ़ चुकी होती। हालांकि, उन्होंने इसके लिए पिछली गैर-भाजपा सरकारों को जिम्मेदार ठहराया।

केंद्र की भूमिका पर Jairam Thakur ने दिया जोर

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि केंद्र के प्रयासों से सभी संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनी।

उनके अनुसार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद स्थिति बदली। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों ने हिमाचल के आग्रह को स्वीकार किया। इससे परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता खुला।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के हितों को ध्यान में रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी फैसलों में राज्य के हित सुरक्षित होने चाहिए।

सुक्खू सरकार पर भी साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूर्व सरकार पर बेवजह आरोप लगा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने हिमाचल के हितों का ध्यान रखा था।

उन्होंने कहा कि समझौता पहले इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं। उनके अनुसार यह प्रक्रिया मुख्यमंत्री के प्रयासों से अकेले संभव नहीं थी।

जयराम ठाकुर ने कहा कि दिल्ली और राजस्थान में सरकार बदलने के बाद हालात बदले। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में भाजपा सरकार बनने से सहमति बनना आसान हुआ।

“पीठ थपथपाने के बजाय आभार जताएं”

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से अपनी पीठ नहीं थपथपाने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आभार जताने की अपील की।

उन्होंने संबंधित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी धन्यवाद देने की बात कही। उनके अनुसार राज्यों की सहमति के बिना समझौता संभव नहीं था।

उन्होंने कहा कि परियोजना हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को राज्य के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

Kishau Dam से हिमाचल के हितों पर जोर

जयराम ठाकुर ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना लंबे समय से चर्चा में रही है। उन्होंने परियोजना को हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए कई राज्यों के बीच सहमति जरूरी थी। केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हुई।

उन्होंने कहा कि अब परियोजना को तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही हिमाचल के हितों की लगातार रक्षा की जानी चाहिए।

जयराम ठाकुर ने कहा कि परियोजना में हुई प्रगति का श्रेय सभी संबंधित पक्षों को मिलना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से राजनीतिक श्रेय लेने के बजाय सहयोगी सरकारों का आभार जताने को कहा।

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