पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह को श्रद्धांजलि दी
उन्होंने मोहाली में एक सड़क और पार्क का नाम शहीद के नाम पर रखने की घोषणा की
न्यूज़म ब्यूरो
मोहाली | Colonel Manpreet Singh की शहादत को सम्मान देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में एक सड़क और पार्क का नाम उनके नाम पर रखने की घोषणा की। मुल्लांपुर चौक से टी-पॉइंट तक की सड़क को ‘शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह मार्ग’ नाम दिया गया। मुख्यमंत्री ने शहीद के परिवार से मुलाकात कर उनकी पत्नी और बच्चों से संवेदना व्यक्त की। कर्नल मनप्रीत सिंह 2023 में जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में आतंकियों के खिलाफ अभियान के दौरान शहीद हुए थे। वह 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी थे। उन्हें 15 अगस्त 2024 को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। कर्नल मनप्रीत सिंह तीन पीढ़ियों से सैन्य सेवा वाले परिवार से आते थे। मोहाली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीद के साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि शहीद किसी एक परिवार के नहीं, बल्कि पूरे देश की विरासत होते हैं। मुख्यमंत्री ने अग्निपथ योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं के पुनर्वास की बात भी कही। उन्होंने शिक्षा और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने पर भी जोर दिया। जम्मू-कश्मीर में सेना ने ऑपरेशन गडूल की वर्षगांठ पर कर्नल मनप्रीत सिंह सहित चार शहीदों को श्रद्धांजलि दी। स्मृति स्थल पर चार चिनार के पौधे लगाए गए। इस पूरी पहल का उद्देश्य शहीद की वीरता, सेवा और बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

Colonel Manpreet Singh : शहीद के नाम पर सड़क और पार्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को शहीद के नाम से जोड़ना सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान को हमेशा याद रखेंगी।
पार्क को भी कर्नल मनप्रीत सिंह की स्मृति को समर्पित किया गया है।
भगवंत मान ने कहा कि सरकार शहीद परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कर्नल मनप्रीत सिंह की वीरता और त्याग को अमर बताया।
Colonel Manpreet Singh : कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहादत
कर्नल मनप्रीत सिंह ने 2023 में जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ अभियान के दौरान बलिदान दिया।
वह 19 राष्ट्रीय राइफल्स की कमान संभाल रहे थे।
कोकरनाग के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ के दौरान वह शहीद हुए।
इस अभियान में मेजर आशीष धोंचक भी शहीद हुए थे।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट और सिपाही प्रदीप सिंह भी शहीद हुए।
सुरक्षा बलों के मुताबिक, अभियान के दौरान दो आतंकियों के मारे जाने की बात सामने आई थी।
इनमें लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर उजैर खान का नाम भी शामिल था।
कर्नल मनप्रीत सिंह का बलिदान सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।
Colonel Manpreet Singh : मोहाली में हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम

मोहाली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शहीद की प्रतिमा और स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्यमंत्री ने पुष्प अर्पित कर वीर सैनिक को नमन किया।
इस मौके पर आनंदपुर साहिब के सांसद मलविंदर सिंह कंग भी मौजूद रहे।
वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि शहीदों की गाथाएं युवाओं को देशहित में काम करने की प्रेरणा देती हैं।
Kirti Chakra : मरणोपरांत मिला देश का बड़ा सम्मान
कर्नल मनप्रीत सिंह को 15 अगस्त 2024 को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
यह देश का दूसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।
यह सम्मान उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए दिया गया।
कर्नल मनप्रीत सिंह का जन्म 1982 में मोहाली जिले के भरोंजियां गांव के पास हुआ था।
उनका परिवार तीन पीढ़ियों से सैन्य सेवा से जुड़ा रहा है।
उनके पिता लखबीर सिंह और दादा सीता सिंह भी सेना में रहे।
उन्होंने मुल्लांपुर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी।
इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ से वाणिज्य में स्नातक किया।
उन्होंने संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा पास करके भारतीय सैन्य अकादमी में प्रवेश लिया।
Agnipath Scheme : पूर्व सैनिकों के पुनर्वास को लेकर आश्वासन

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अग्निपथ योजना को लेकर भी सरकार की नीति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पहले बैच के अग्निवीर अब अपनी सेवा अवधि पूरी कर रहे हैं।
मान ने कहा कि योग्य युवाओं को विभिन्न सरकारी सुरक्षा भूमिकाओं में अवसर दिए जाएंगे।
उन्होंने पुलिस, बैंक सुरक्षा और वन रक्षक जैसी नौकरियों का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले अग्निवीर के परिवार को आर्थिक सहायता की बात कही।
उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को एक करोड़ रुपये की सहायता दी जाती है।
Punjab Government : युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की अपील
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपराध से दूर रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि गलत संगत और बहकावे से कुछ युवा अपराध की राह पकड़ लेते हैं।
उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया।
मान ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने युवाओं से किसी गलत कदम से बचने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में गलत फैसलों का बाद में पछतावा हो सकता है।
Education in Punjab : स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था का जिक्र
स्कूलों की व्यवस्था को लेकर विपक्ष के सवालों पर भी मुख्यमंत्री ने जवाब दिया।
उन्होंने बताया कि पंजाब में 19 हजार से अधिक सरकारी स्कूल हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल को मानकों से नीचे नहीं रहने दिया जाएगा।
मान ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती की जा रही है।
शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर और फिनलैंड भेजे जाने की भी जानकारी दी।
उन्होंने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के परिणामों का उदाहरण दिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 2021 में सरकारी स्कूलों के 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी।
2026 में यह संख्या बढ़कर 882 विद्यार्थियों तक पहुंच गई।
उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव का संकेत बताया।
सेना ने भी कर्नल मनप्रीत सिंह को किया याद
जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन गडूल की वर्षगांठ पर सेना ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
19 राष्ट्रीय राइफल्स ने अपने लारकीपोरा मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में शहीदों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
चार चिनार के पौधे भी स्मृति स्थल के पास लगाए गए।
सेना ने इन्हें शहीदों की याद में जीवंत स्मारक बताया।
अधिकारियों के मुताबिक, चिनार जम्मू-कश्मीर की विरासत और स्थायित्व का प्रतीक है।
अनंतनाग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमोद अशोक नागपुरे कार्यक्रम में शामिल हुए।
19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी कर्नल रोहित रतन ने भी श्रद्धांजलि दी।
सेना और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
शहीद की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
कर्नल मनप्रीत सिंह की शहादत को पंजाब और देश ने सम्मान के साथ याद किया।
मोहाली में सड़क और पार्क का नामकरण उनकी विरासत को स्थायी पहचान देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका साहस और बलिदान हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
शहीद परिवार के सम्मान और सहयोग को सरकार की जिम्मेदारी बताया गया।
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