पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को CII प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की
बैठक में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई
मुख्यमंत्री ने टिकाऊ फसल अवशेष प्रबंधन के लिए CII के सहयोग पर जोर दिया
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 10 सितंबर | पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने CII प्रतिनिधिमंडल के साथ औद्योगिक विकास पर चर्चा की। बैठक में नए निवेश, युवाओं के रोजगार, फसल अवशेष प्रबंधन, बागवानी, बुनियादी ढांचे और कौशल विकास पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने संगरूर और बरनाला में पराली प्रबंधन बढ़ाने की बात कही। लुधियाना में बहु-कौशल प्रशिक्षण संस्थान और जालंधर में तकनीकी वस्त्रों के उत्कृष्टता केंद्र पर भी चर्चा हुई।

Punjab Industrial Development पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए निवेश पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।
उन्होंने युवाओं के लिए अधिक रोजगार अवसर पैदा करने की जरूरत बताई।
सरकार उद्योगों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर काम कर रही है।
मान ने औद्योगिक क्षेत्रों में भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही।
उन्होंने पीक डिमांड के दौरान बिजली की उपलब्धता पर भी जोर दिया।
औद्योगिक संचालन में आने वाली बुनियादी समस्याओं को दूर करने की बात कही गई।
Crop Residue Management पर सहयोग

मुख्यमंत्री ने CII के साथ फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हित से जोड़कर देखा।
मान ने टिकाऊ तकनीक और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया।
उन्होंने जलवायु अनुकूल तकनीक अपनाने की जरूरत भी बताई।
सरकार और उद्योग मिलकर किसानों को व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराएंगे।
मुख्यमंत्री ने मालवा क्षेत्र में इन प्रयासों को बढ़ाने की बात कही।
संगरूर और बरनाला में विशेष ध्यान देने का प्रस्ताव रखा गया।
इन क्षेत्रों में पराली प्रबंधन के लिए तकनीकी समाधान बढ़ाने पर जोर है।
Horticulture और तकनीकी सहयोग

बैठक में बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान की जरूरत बताई।
CII एग्रो टेक इंडिया 2026 के दौरान विश्व बागवानी केंद्र की यात्रा प्रस्तावित है।
मान ने कहा कि इससे पंजाब के किसानों को लाभ मिल सकता है।
इससे कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में नई विशेषज्ञता का आदान-प्रदान होगा।
युवाओं के लिए Skill Training पर जोर

CII द्वारा लुधियाना में प्रस्तावित बहु-कौशल प्रशिक्षण संस्थान पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने इस संस्थान के लिए सरकार के सहयोग का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि इससे उद्योगों के लिए कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ेगी।
युवाओं को उनकी क्षमता के अनुसार रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
जालंधर में तकनीकी वस्त्रों के लिए उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर भी चर्चा हुई।
इसके साथ आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित करने की संभावना तलाशने को कहा गया।
Defence Manufacturing के लिए विशेष केंद्र
मुख्यमंत्री ने रक्षा विनिर्माण उद्योगों के लिए विशेष कौशल केंद्र की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि इससे प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाई जा सकेगी।
साथ ही पंजाब में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
बैठक में कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचे और कौशल विकास पर व्यापक चर्चा हुई।
सरकार और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने को भविष्य की प्राथमिकता बताया गया।
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