भारतीय शेयर बाजार में 9 सितंबर 2026 को गिरावट का दौर जारी रहा
बाजार लाल निशान में खुला और शुरुआती कारोबार में दबाव बढ़ा
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 9 सितंबर | 9 सितंबर 2026 को Stock Market Today में सेंसेक्स 533 अंक टूटकर 75,044 पर पहुंच गया।
निफ्टी भी 135 अंक गिरकर 23,498 पर रहा।
शुरुआती कारोबार में आईटी, सेवा, बैंकिंग और ऑटो क्षेत्र दबाव में रहे। जानें अमेरिकी और एशियाई बाजारों का हाल और बाजार में गिरावट के दो प्रमुख कारण।
सुबह 9:22 बजे सेंसेक्स 533 अंक टूटकर 75,044 पर पहुंच गया।
इसमें 0.71 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी भी 135 अंक गिरकर 23,498 के स्तर पर पहुंच गया।
निफ्टी में 0.57 फीसदी की कमजोरी दर्ज हुई।
शुरुआती कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र दबाव में रहे।

Stock Market Today : आईटी और सेवा क्षेत्र पर दबाव
शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी और निफ्टी सर्विसेज सबसे कमजोर सूचकांक रहे।
निफ्टी वित्तीय सेवाएं और रियल्टी भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
ऑटो, सरकारी बैंक और निजी बैंक सूचकांकों में भी कमजोरी रही।
एफएमसीजी, मीडिया और उपभोग से जुड़े शेयरों पर भी दबाव रहा।
तेल एवं गैस और विनिर्माण क्षेत्र भी कमजोर नजर आए।
इसके विपरीत ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र के सूचकांक बढ़त में रहे।
फार्मा, धातु और वस्तु आधारित सूचकांकों में भी तेजी देखने को मिली।
सेंसेक्स के बढ़ने वाले शेयर
सेंसेक्स में कुछ प्रमुख शेयरों ने गिरावट के बीच बढ़त दर्ज की।
एलएंडटी, एनटीपीसी और सन फार्मा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।
पावर ग्रिड और टाटा स्टील में भी खरीदारी देखने को मिली।
बीईएल, अदाणी पोर्ट्स और कोटक महिंद्रा बैंक भी बढ़त में रहे।
सेंसेक्स के कमजोर शेयर
एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस में गिरावट दर्ज की गई।
टीसीएस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर भी दबाव में रहे।
एमएंडएम, भारती एयरटेल और बजाज फाइनेंस में कमजोरी रही।
एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक भी लाल निशान में रहे।
अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई और एक्सिस बैंक में भी गिरावट रही।
आईटीसी, टाइटन और मारुति सुजुकी के शेयर भी कमजोर रहे।
एशियन पेंट्स और इटरनल में भी दबाव देखने को मिला।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में बुधवार को कारोबार मिला-जुला रहा।
टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और सियोल के बाजार बढ़त में रहे।
जकार्ता का बाजार गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।
अमेरिकी बाजार भी मंगलवार को कमजोरी के साथ बंद हुए थे।
डाउ जोंस में 1.18 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।
नैस्डैक भी 0.32 फीसदी की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
बाजार गिरने के दो बड़े कारण
जानकारों के अनुसार बाजार पर दो प्रमुख कारणों का दबाव है।
पहला कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव बताया जा रहा है।
तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
ब्रेंट कच्चा तेल करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
महंगे तेल से महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है।
दूसरा कारण प्राथमिक बाजार में बढ़ती गतिविधियां बताई जा रही हैं।
आईपीओ बाजार में बढ़ती गतिविधियों से बाजार में नकदी प्रभावित हो रही है।
इसका असर निफ्टी और अन्य प्रमुख सूचकांकों पर दिखाई दे रहा है।
आगे बाजार की दिशा पर नजर
निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बाजार की दिशा प्रभावित कर सकता है।
इसके अलावा विदेशी निवेश और घरेलू खरीदारी भी अहम भूमिका निभाएगी।
आने वाले कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
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