न्यूज़म ब्यूरो
देहरादून, 27 अगस्त। उत्तरखंड के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और सरकार संभावित जोखिमों को कम करने के लिए पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। नेपाल में हाल में घटित आपदा से सीख लेते हुए प्रदेश में ग्लेशियर झीलों, नदियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील ग्लेशियर झीलों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण, नियमित मॉनीटरिंग और अत्याधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम की स्थापना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जहां आवश्यकता होगी, वहां अतिरिक्त उपकरण एवं तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि किसी भी संभावित खतरे की सूचना समय रहते प्रशासन एवं आमजन तक पहुंचाई जा सके।
कौशिक ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जन-जीवन की सुरक्षा है। आपदा से पहले की तैयारी, समय पर चेतावनी, स्थानीय स्तर पर क्षमता निर्माण और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से संभावित जनहानि को न्यूनतम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मानसून के दौरान सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को सतर्क रहते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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