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पंजाब के राज्यपाल कटारिया ने युवाओं से नशे के खिलाफ शपथ लेने का किया आह्वान

पंजाब के राज्यपाल ने ‘माई भारत युवा कनेक्ट – नशामुक्त अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा के लिए कुलपतियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 31 जुलाई। पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने आज पंजाब लोक भवन चंडीगढ़ में पंजाब और चंडीगढ़ के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक युवाओं को नशे के खिलाफ लामबंद करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान “माई भारत युवा कनेक्ट – नशामुक्त अभियान” की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी।
इस बैठक में पंजाब के राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक प्रताप सिंह, चंडीगढ़ के उपायुक्त निशांत यादव, सचिव, स्कूल शिक्षा, चंडीगढ़ प्रशासन, प्रेरणा पुरी, पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल, माई भारत युवा कनेक्ट पंजाब की निदेशक रश्मीत कौर, माई भारत चंडीगढ़ के जिला युवा अधिकारी विनय कुमार और ललित जैन ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जबकि पंजाब और चंडीगढ़ भर के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने वर्चुअल मोड के माध्यम से हिस्सा लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर नशामुक्त समाज के निर्माण में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि ‘माई भारत युवा कनेक्ट – नशामुक्त अभियान’ नशे के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन में छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को एकजुट करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है।
राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों को माई भारत पोर्टल के माध्यम से नशामुक्ति ई-शपथ अभियान में छात्रों, संकाय सदस्यों और स्वयंसेवकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों को 2 अगस्त 2026 को सुबह 10:00 बजे आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारी तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया, जिसके दौरान माननीय प्रधानमंत्री जी प्रतिभागियों को वर्चुअली संबोधित करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक पात्र छात्र को माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण करने, नशामुक्ति की शपथ लेने और ई-सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, राज्यपाल ने प्रत्येक विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय के विभागों, घटक कॉलेजों, संबद्ध कॉलेजों और माई भारत के पदाधिकारियों के साथ समन्वय करने के लिए एक समर्पित नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वयंसेवकों के नामांकन और शपथ पंजीकरण के लिए लक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, साथ ही हर स्तर पर प्रगति की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
कटारिया ने आगे निर्देश दिया कि यह अभियान केवल विश्वविद्यालय मुख्यालयों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सभी घटक और संबद्ध कॉलेजों में भी सक्रिय रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों से संस्थागत वेबसाइटों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, छात्र समूहों, डिजिटल स्क्रीन, नोटिस और अन्य उपलब्ध संचार माध्यमों के जरिए अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया ताकि नशामुक्त भारत का संदेश हर युवा नागरिक तक पहुंचे।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से नशामुक्त भारत अभियान की गति को बनाए रखने के लिए वर्ष भर सेमिनार, जागरूकता व्याख्यान, रैलियां, प्रतियोगिताएं, शपथ अभियान और अन्य आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने संस्थानों को माई भारत पोर्टल पर सभी गतिविधियों की तस्वीरें, वीडियो और रिपोर्ट नियमित रूप से अपलोड करने तथा प्रभावी निगरानी व दस्तावेजीकरण के लिए भागीदारी के अपडेट साझा करने का निर्देश दिया। तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहे संस्थानों को समय पर सहायता के लिए नामित माई भारत अधिकारियों के साथ तुरंत समन्वय करने की सलाह दी गई।
नशामुक्त पंजाब और नशामुक्त भारत के दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए गुलाब चंद कटारिया ने विश्वविद्यालयों से छात्रों, शिक्षकों और युवा स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करके इस अभियान को एक जन-आंदोलन में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शैक्षणिक संस्थानों के सामूहिक प्रयासों से यह अभियान युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों के सेवन को त्यागने तथा एक स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार समाज का ब्रांड एंबेसडर बनने के लिए प्रेरित करेगा।

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