West Asia में तनाव कम करने और Indo-Pacific में शांति की अपील
West Asia Flare-Up और China के Missile Test के बीच शांति के लिए एकजुट हुए PM Modi और Albanese
न्यूज़म ब्यूरो
मेलबर्न, 10 जुलाई। दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज (Anthony Albanese) ने वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक मजबूत संदेश दिया है। मेलबर्न में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन (3rd India-Australia Annual Summit) के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया (West Asia) में नए सिरे से भड़के तनाव और प्रशांत महासागर में चीन के हालिया मिसाइल परीक्षण पर गहरी चिंता व्यक्त की।
West Asia Crisis: दोनों नेताओं ने दी संयम बरतने की सलाह
पश्चिम एशिया (खासकर खाड़ी क्षेत्र) में बढ़ते संघर्ष और अस्थिरता को लेकर पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज ने एक साझा बयान जारी किया। दोनों नेताओं ने सभी पक्षों से तुरंत युद्ध या तनाव को कम करने (de-escalate) और अधिकतम संयम (restraint) बरतने की अपील की।
मुख्य चिंता: नेताओं ने रेखांकित किया कि इस संघर्ष से न केवल निर्दोष नागरिकों की जान को खतरा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा (energy security) और कमोडिटी सप्लाई चेन भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
China Missile Test: इंडो-पैसिफिक की स्थिरता पर मंडराता खतरा
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीज ने इस हफ्ते चीन द्वारा पनडुब्बी से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM/ICBM) के परीक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ऑस्ट्रेलिया ने इसे एक ‘उकसावे वाला कदम’ बताया जो प्रशांत द्वीप क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है।
इस पर भारत का रुख साफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से इंडो-पैसिफिक (Indo-Pacific) क्षेत्र को एक ऐसा क्षेत्र देखना चाहता है जहां शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनी रहे। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों (विशेषकर UNCLOS) और फ्रीडम ऑफ नेविगेशन (समुद्री आवाजाही की आजादी) का पालन करने की वकालत की।
Defence और Energy Security पर बड़े समझौते
ग्लोबल चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों (bilateral ties) को एक नए मुकाम पर पहुंचाया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने और समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एक नए Joint Declaration on Defence and Security Cooperation को अपनाया गया। इसके अलावा दोनों देशों ने सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, सोलर एनर्जी और क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे लिथियम) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
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