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‘आओ मिलकर डेंगू रोकें’: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त : आरती सिंह राव 

जुलाई को ‘डेंगू रोधी महीने’ के रूप में मनाने का आह्वान

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 1 जुलाई। हरियाणा में मानसून की दस्तक के साथ ही स्वास्थ्य विभाग डेंगू के खिलाफ पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश की जनता को सचेत रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने “आओ मिलकर डेंगू रोकें” का नारा देते हुए राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे जुलाई महीने को ‘डेंगू रोधी महीने’ के रूप में मनाएं और अपने आस-पास पानी जमा न होने दें।

उन्होंने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो मुख्य रूप से दिन के समय काटता है और हमेशा रुके हुए साफ पानी में ही पनपता है। स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और “पानी ठहरेगा जहां – मच्छर पनपेगा वहां” की बात को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है।

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आरती सिंह राव ने प्रदेशवासियों को सलाह दी है कि वे प्रत्येक रविवार को अपने घरों में और शुक्रवार को अपने कार्यालयों में ‘सुखा दिवस’ जरूर मनाएं। इस दिन सभी पानी के बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रिज के पीछे बनी ट्रे, गमले तथा गमलों के नीचे रखी ट्रे को खाली करके कम से कम 24 घंटे तक सुखाएं ताकि मच्छर के अंडे और लार्वा पूरी तरह नष्ट हो जाएं।

इसके साथ ही उन्होंने छतों पर रखी पानी की टंकियों को हमेशा ढक्कन लगाकर बंद रखने तथा मानसून की बरसात शुरू होने से पहले छत पर पड़े बेकार प्लास्टिक के सामान, पुराने टायर और नारियल के खोल आदि को साफ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घरों के आस-पास के गड्ढों को मिट्टी से भरवा दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छर रोधी क्रीम या कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें।

स्वास्थ्य मंत्री ने हरियाणा सरकार की ओर से राज्य के नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं  की जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य के प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पतालों में कुल 27 सरकारी डेंगू जांच प्रयोगशालाएं क्रियाशील हैं, जहां डेंगू की जांच पूरी तरह नि:शुल्क की जा रही है। निजी क्षेत्र पर नियंत्रण की बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि सभी प्राइवेट लैब को एलाइजा आधारित एनएस-1 एवं आई.जी.एम. डेंगू टेस्ट अधिकतम 600 रुपये में ही करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इन सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए नागरिक अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी या जिला मलेरिया अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों को डेंगू के लक्षणों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि अकस्मात तेज बुखार होना, अचानक तेज सिर दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना और आंखों के पीछे दर्द होना (जो आंखें घुमाने से बढ़ता है), इसके मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने जनता को सख्त हिदायत दी है कि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में जाकर खून की मुफ्त जांच करवाएं। उन्होंने विशेष तौर पर आगाह किया कि मरीज हमेशा चिकित्सक की सलाह से ही दवाई खाएं और भूलकर भी स्वयं कोई दवा न लें। स्वास्थ्य मंत्री ने अंत में संदेश दिया कि यदि हमें इस बीमारी को अपने राज्य से दूर रखना है, तो हम सबको मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

 

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