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हरियाणा सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सरप्लस-राज्य बनाने के लिए लगातार कर रही है काम : राज्यपाल

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न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़ , 20 फरवरी : हरियाणा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सरप्लस राज्य बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। वर्ष 2020-21 से पूरे राज्य में 4,818 करोड़ रुपये की लागत से 223 नए सब-स्टेशन बनाए गए हैं और 1,302 किलोमीटर लंबी नई ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई गई हैं। प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे। 

राज्यपाल ने ऊर्जा क्षेत्र की उपल्बधियां बताते हुए कहा कि कुशल प्रबंधन से सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियां (AT&C) वर्ष 2014-15 के 30 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024-25 में केवल 9.48 प्रतिशत रह गई हैं। ऊर्जा में आत्मनिर्भरता के विज़न के अनुरूप,  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल, 2025 को यमुनानगर में 7,272 करोड़ रुपये की लागत वाली 800 MW की अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल यूनिट की नींव रखी, जो हमारी भविष्य की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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उन्होंने बताया कि ‘म्हारा गांव- जगमग गांव’ योजना के तहत, 6,019 गांवों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत 55,157 घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं। हमारा लक्ष्य दिसंबर, 2027 तक सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा प्रणालियां स्थापित करना है।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2014-15 से अब तक लगभग 3.13 लाख ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए गए हैं। यह वर्ष 2004 से 2014 के पिछले 10 सालों में जारी किए गए 1 लाख 69 हजार 226 नए ट्यूबवेल कनेक्शन से काफी अधिक हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 1,88,116 सोलर पंप लगाकर हरियाणा आज देश में दूसरे स्थान पर है।

प्रोफ़ेसर घोष ने बताया कि गांवों में बड़े पैमाने पर सोलर स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जा रही हैं। ये प्रयास हरियाणा को एक साफ, हरा-भरा और ऊर्जा सुरक्षित राज्य बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

 

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