Follow

संत समाज के मार्गदर्शन-सहयोग से सिंहस्थ-2028 को हम देंगे ऐतिहासिक व दिव्य स्वरूप : डॉ मोहन यादव

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा संदेश

तृप्ति भटनागर

उज्जैन, 28 मई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने उज्जैन स्थित नील गंगा आश्रम पहुंचकर मां गंगा की प्रतिमा का पूजन-अर्चन किया और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि Simhastha Kumbh Mela 2028 का आयोजन पूज्य संतजनों की भावना, सनातन संस्कृति की गरिमा और परंपराओं के अनुरूप भव्यता के साथ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना, सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संत समाज के मार्गदर्शन और सहयोग से सिंहस्थ-2028 को ऐतिहासिक और दिव्य स्वरूप देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

Advertisement

नील गंगा आश्रम में किया पूजन-अर्चन

उज्जैन प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने नील गंगा आश्रम में मां गंगा की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश और देशवासियों के सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की प्रार्थना की।

इस दौरान संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही और मुख्यमंत्री ने पूज्य संतों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

संत समाज के मार्गदर्शन में होगा सिंहस्थ-2028

मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में संत समाज की भावनाओं और सुझावों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आयोजन सनातन परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप हो।

उन्होंने कहा कि उज्जैन विश्वभर में आध्यात्मिक नगरी के रूप में पहचाना जाता है और सिंहस्थ महापर्व उसकी पहचान को और मजबूत करता है।

प्रमुख संतों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम के दौरान कई प्रमुख संत और धार्मिक हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें:

  • Swami Narendraanand Saraswati
  • Mahant Ravindra Puri
  • Mahant Hari Giri
  • Mahant Narayan Giri

की गरिमामयी उपस्थिति रही।

संतों ने भी सिंहस्थ-2028 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज

Simhastha Kumbh Mela 2028 को लेकर उज्जैन में बड़े स्तर पर विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

इन तैयारियों में शामिल हैं:

  • घाटों का विस्तार और सौंदर्यीकरण
  • सड़क चौड़ीकरण और यातायात सुधार
  • पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था
  • श्रद्धालुओं के लिए आवास और सुरक्षा व्यवस्था
  • धार्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास

“सनातन संस्कृति का वैश्विक संदेश”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का वैश्विक संदेश देने वाला महापर्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस आयोजन को न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से भी ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने विश्वास जताया कि सिंहस्थ-2028 विश्व स्तर पर उज्जैन और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।


उज्जैन बना आध्यात्मिक और विकास गतिविधियों का केंद्र

पिछले कुछ समय से उज्जैन में लगातार विकास और धार्मिक गतिविधियों को लेकर सरकार का विशेष फोकस देखा जा रहा है। महाकाल लोक, सड़क विकास, घाटों के विस्तार और सिंहस्थ की तैयारियों के चलते उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में तेजी से उभर रहा है।

सिंहस्थ-2028 को भव्य बनाने की तैयारी: उज्जैन के नील गंगा आश्रम पहुंचे CM मोहन यादव, संतों का लिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन के नील गंगा आश्रम में मां गंगा की पूजा-अर्चना कर सिंहस्थ-2028 को सनातन परंपराओं के अनुरूप भव्य बनाने का संकल्प दोहराया।

Mohan Yadav, Simhastha 2028, Ujjain News, Neel Ganga Ashram, Akhada Parishad, Sanatan Culture, Kumbh Mela Ujjain, Mahant Ravindra Puri, Madhya Pradesh News, Religious Tourism India

Advertisement
Tap to Refresh