न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़ / 4फरवरी। शिरोमणी अकाली दल ने पटियाला के एसएसपी वरूण शर्मा के वायरल आडियो की जांच चंडीगढ़ फोरेंसिक लैब को सौंपने के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी दोषी अधिकारियायें को सजा सुनिश्चित कराने के लिए इस मामले को तार्किक अंत तक लेकर जाएगी।
यहां एक प्रेस कांफ्रेंस संबोधित करते हुए अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता और कानूनी सेल के अध्यक्ष एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले को अपने हाथ में लिया और सुनवाई के दौरान अदालत ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज कमल चैधरी को 10 दिसंबर 2025 को अदालत द्वारा जारी आदेशों का पालन न करने के लिए फटकार लगाई। उन्होने कहा कि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वायरल आडियो को सत्यापन के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी को भेजा जाना चाहिए जो पंजाब के अधीन न हो। उन्होने कहा कि न्यायिक आदेशों के बावजूद आडियो मोहाली एफएसएल को भेजा गया जो सीधे पंजाब सरकार के अधीन है।

स. कलेर ने कहा कि जब चैधरी के वकील ने बताया कि उन्होने मामले को पंजाब सरकार को भेजा था, जिसने इसे मोहाली सीएफएसएल को भेजा, तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जब चुनाव संहिता लागू होती है तो कार्यकारी शक्तियां चुनाव आयोग के पास निहित हो जाती हैं।
उन्होने कहा कि पंजाब सरकार का प्रतिनिधित्व एडवोकेट जनरल ने किया, जिनके पास उच्च न्यायालय के उन सवालों का कोई जवाब नही था कि उनके आदेशों का पालन क्यों नही किया गया ? उन्होने कहा कि अदालत को यह भी बताया गया कि एडीजीपी एस.पी.एस परमार की अगुवाई में मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शिकायतकर्ताओं को नोटिस जारी किया था और संबंधित अधिकारियों की आवाज के नमूने लेने का कोई प्रयास नही किया गया था।
एडवोकेट कलेर ने कहा कि पंजाब सरकार और चुनाव आयोग के वकील को फटकार लगाने के बाद हाईकोर्ट ने आडियो को सत्यापन के लिए चंडीगढ़ सीएफएसएल भेजने का आदेश दिया। उन्होने कहा कि शिरोमणी अकाली दल उच्च न्यायालय के आदेशों का स्वागत करता है और इस मामले को तार्किक अंत तक पैरवी करेगा ताकि दोषी अधिकारियों को उनके द्वारा किए गए अपराध के लिए सजा मिलना सुनिश्चित बनाएगा।