Follow

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन विभाग ये सुनिश्चित करे कि हिमाचल प्रदेश के नागरिकों को न हो किसी प्रकार की असुविधा : शिव प्रताप शुक्ल

Listen to this article

न्यूज़म ब्यूरो 

शिमला, 25 जनवरी, 2026। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप ने विशेष गहन पुनरीक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने निर्वाचन सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हिमाचल प्रदेश के नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

राज्यपाल 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे।

Advertisement

उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस और हिमाचल प्रदेश पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस वर्ष निर्वाचन आयोग ने ‘माई इंडिया, माई वोट’ और ‘भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में भारतीय नागरिक’ को थीम के तौर पर चुना है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे धर्म, जाति या समुदाय के भेदभाव से ऊपर उठकर सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार का उत्सव मनाएं, जिससे शासन में जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक संस्था के रूप में भारत के निर्वाचन आयोग ने लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को बनाए रखने के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है।

राज्यपाल ने वर्ष 2025 के दौरान सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में सफलतापूर्वक चलाए गए मतदाता नामांकन अभियानों के लिए निर्वाचन विभाग के प्रयासों की सराहना की, विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए। उन्होंने सिरमौर जिले के शिलाई तथा चंबा जिले के भरमौर जनजातीय क्षेत्र में महिला मतदाता पंजीकरण में वृद्धि लाने वाली पहलों की भी सराहना की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी और उनकी टीम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदेश और देश के लिए गर्व की बात है कि हिमाचल प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने सितंबर 2025 में मोल्दोवा के राष्ट्रीय चुनावों में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक के रूप में सेवाएं दी जिससे राज्य और देश को गौरव हासिल हुआ।

राज्यपाल ने सभी मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए भारत के लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए मतदान की शपथ लेने का आग्रह किया। इस अवसर पर उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों, राज्य आइकन, बूथ लेवल अधिकारियों तथा अन्य को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। उन्होंने निर्वाचन विभाग द्वारा तैयार की गई एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया, मतदाता दिवस की शपथ दिलाई तथा नव-पंजीकृत मतदाताओं को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र वितरित किए।

इससे पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने राज्यपाल का स्वागत किया और राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद महिला और युवा मतदाता नामांकन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने अवगत करवाया कि निरंतर मतदाता सूची अद्यतन प्रक्रिया के तहत 6 जनवरी 2025 से अब तक 91,949 मतदाताओं के नाम जोड़े गए, 1,49,328 मतदाताओं के विवरण में सुधार किया गया तथा मृत्यु, प्रवास या अन्य कारणों से 64,643 अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए।

शिमला के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम कश्यप ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का संदेश भी प्रसारित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान एसआईआर पर आधारित जागरूकता नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इससे पूर्व राज्यपाल शुक्ल ने निर्वाचन विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. मुरारी लाल और नीरज चांदला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और अन्य कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

 

What are your Feelings
Advertisement
Tap to Refresh