बीएससी (गणित एवं जूलॉजी) के बैक पेपर परीक्षा छूटने का मामला
न्यूज़म ब्यूरो
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के बीएससी (गणित एवं जूलॉजी) के अनेक छात्रों के बैक पेपर विश्वविद्यालय की विभिन्न डेट शीट के कारण के चलते छूट गए थे। इनमें से बड़ी संख्या अंतिम सेमेस्टर के छात्रों की थी, जिनके पेपर छूट जाने के कारण उनका एक वर्ष शैक्षणिक रूप से प्रभावित होने की स्थिति में था। इसको लेकर लगातार छात्र लगातार परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी से संपर्क में थे, उसके बावजूद भी परीक्षाएं दोबारा आयोजित करने को लेकर वह निर्णय नहीं ले पा रहा था, और गोलमोल जवाब देकर छात्रों को भटकाने में लगा हुआ था।
छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने सोमवार 19 जनवरी को लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद एवं कुलपति जेपी सैनी से मुलाकात कर इस गंभीर विषय को प्रमुखता से उठाया। एनएसयूआई प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जिन छात्रों के बैकपेपर परीक्षाएं छूट गयी हैं, उनकी परीक्षा शीघ्रातिशीघ्र कराई जाए ताकि किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो।

एनएसयूआई की पहल और सकारात्मक वार्ता के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मांग को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि बीएससी (गणित एवं जूलॉजी) के छूटे हुए बैक पेपर के लिए जल्द परीक्षा आयोजित की जाएगी। हालांकि इस फैसले से परीक्षा नियंत्रक को बिल बढ़ाने का मौका मिलेगा, इसलिए उनके लिए तो यह फायदे का ही सौदा रहा।
प्रदर्शन और वार्ता करने के दौरान मुख्य रूप से छात्र नेता प्रिंस प्रकाश, अंकुश चौहान, अमित व अन्य लोग मौजूद रहे।
परीक्षा नियंत्रक पर जांच बैठाने को लेकर मांग हुई तेज
पिछले चार वर्षों के दौरान परीक्षा नियंत्रक और रजिस्ट्रार का पद संभालने वाले विद्यानंद त्रिपाठी के खिलाफ गोपनीयता के नाम पर परीक्षा विभाग में करोड़ों रुपए का घोटाला करने का आरोप लगे हुए हैं। हालांकि इस घोटाले में तत्कालीन कुलपति आलोक राय का भी हिस्सा माना जाता रहा है, अब जबकि नए कुलपति जेपी सैनी ने विश्वविद्यालय का चार्ज संभाल लिया है, तो ऐसे में माना जा रहा है कि जल्दी ही उनके ऊपर गाज गिरेगी और करोड़ों रुपए के घोटाले के मामले में उन पर कुछ शिकंजा कसेगा।