लखनऊ विश्वविद्यालय में गूंजे जातिवादी नारे
दिन भर चला हंगामा बिना अनुमति निकाला मार्च
न्यूज़म ब्यूरो
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में भले ही मौसम सर्द हो लेकिन शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों की गर्मी चरम पर रही। जातिवादी नारे लगा रही बापसा के कार्यकर्ताओं ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष प्रत्युष पांडे को घेर कर पीटा, जिसको लेकर पीड़ित छात्रा ने हसनगंज पुलिस को तहरीर दी है।

हसनगंज कोतवाली को दिए गए अपने प्रार्थना पत्र में शोध छात्र अंग्रेजी विभाग प्रत्यूष पाण्डेय ने लिखा है कि जब वह प्रशासनिक भवन की तरफ जा रहा था तभी BAPSA के कार्यकर्ता बिना अनुमति के मार्च निकालते हुये सामाजिक सौहार्द बिगाइने वाले तथा उकसाऊ नारे (ब्राम्हणवाद, ठाकुरवाद, मुर्दाबाद) जैसे नारे लगाते हुये आये तथा यह कहकर कि ये ABVP का अध्यक्ष है और ब्राम्हण है, इस साले हरामखोर को मारो ऐसा कहते हुये मुझपर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें प्रार्थी के साथी कौस्तुभ राय, विवेक मिश्रा, शिवर शिंह तथा पुलिस ने मुझे बीच से बचाकर निकाला तथा उसके प्राणों की रक्षा की इसमें मेरे साथियों को भी चोट आई। प्रार्थी के ऊपर, मानव रावत BAPSA अध्यक्ष शोध छात्र तथा २० अन्य लोगों ने जानलेवा हमला किया।

अतः आपसे निवेदन है कि उक्त घत्या की जाँच कर विधिक कार्यवाही करें। गौतला भाई की लखनऊ विश्वविद्यालय में इन दोनों परीक्षाएं चल रही हैं, इसी कारण से धरना प्रदर्शन व अन्य गतिविधियों पर रोक है लेकिन इसके बावजूद परीक्षाओं के खत्म होने के तुरंत बाद रोहित वेमुला के हथियारों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर एक छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया जिस पर वहां खड़ी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल रोड स्थित धरना स्थल भेज दिया। लखनऊ विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राकेश द्विवेदी ने कहा कि एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष प्रत्युष पांडे के ऊपर हमले की जानकारी उन्हें मिली है, विधिक कार्रवाई के लिए हसनगंज पुलिस को अग्रसारित किया गया है।