अभिषेक अग्रवाल
गुरुग्राम। अपने मौसेरे भाई (मौसी के लडक़े) की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी व उसके आरोपी साथी को पुलिस ने गिरफ्तार करके ब्लाईंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई है। आरोपियों ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर हत्या करने तथा हत्या करने के बाद पुलिस से बचने की साजिश रची थी। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों ने 14 साल पुराने व्यवसायिक विवाद में इस हत्याकांड को अंजाम दिया। युवक की रेकी के लिए मुख्य आरोपी ने सह आरोपी को 10 लाख रुपये भी दिए थे।
जानकारी के अनुसार छह जनवरी 2026 को पुलिस थाना सेक्टर-10 गुरुग्राम की पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि सेक्टर-37डी, रामा पार्क के पास सडक़ किनारे एक व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में खून से लथपथ पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। वहां पर उपस्थित ईआरवी टीम द्वारा घायल व्यक्ति को तुरंत सिविल अस्पताल सेक्टर-10 गुरुग्राम ले जाया गया। पुलिस टीम द्वारा पुलिस की सीन-ऑफ-क्राइम, डॉग-स्क्वाड एवं फिंगरप्रिंट टीमों से घटनास्थल का निरीक्षण कराया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों द्वारा उक्त व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस द्वारा मृतक के शव का नियमानुसार पोस्टमार्टम करवाया गया। इसी दौरान मृतक के बेटे द्वारा लिखित शिकायत दी गई, जिसमें बताया गया कि मृतक उसके पिता संजय शर्मा (उम्र 50 वर्ष), निवासी बसई इंक्लेव पार्ट-2, गुरुग्राम है। इसके पिता (मृतक) छह जनवरी 2026 को कार में सवार होकर अपनी कैंटीन सेक्टर-34 के लिए निकले थे। रास्ते में रामा पार्क, सेक्टर-37डी के पास किन्ही अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनकी हत्या कर दी गई। प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सेक्टर-10 में हत्या से संबंधित धाराओं के केस दर्ज किया गया।
अपराध शाखा पालम विहार के इंचार्ज निरीक्षक जयबीर के नेतृत्व में तथा केस की जांच करने वाले उप-निरीक्षक अंकित व गठित पुलिस टीम ने आरोपियों की गिरफ्तार के लिए काफी प्रयास किए। आखिरकार पुलिस ने हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करके इस ब्लाईंड मर्डर की गुत्थी सुलझा दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरुदत्त शर्मा उर्फ बालेश्वर शर्मा (उम्र-56 वर्ष) निवासी गांव डहकोरा, जिला रोहतक, अनिल (उम्र 48 वर्ष) निवासी गांव कंडोरा, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी गुरुदत्त शर्मा 10 जनवरी 2026 को देहरादून (उत्तराखंड) से गिरफ्तार करके करके अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया। आरोपी अनिल को 12 जनवरी 2026 को मुजफ्फरनगर उत्तर-प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
दोनों का वर्ष 2011-12 तक क्रेशर बजरी व्यवसाय था
आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि आरोपी गुरुदत्त शर्मा देहरादून में कैफे चलाता है। संजय शर्मा (मृतक) उसकी (गुरूदत्त) की मौसी का लडक़ा था। दोनों का वर्ष 2011-12 तक क्रेशर बजरी का संयुक्त व्यवसाय था। वह उनके आपसी मनमुटाव के चलते बंद हो गया था। इसी रंजिश के चलते दोनों के बीच कई बार विवाद भी हुआ था। उसने अपने साथी आरोपी अनिल एवं अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर संजय शर्मा की रेकी कराई। उन्होंने पूर्व नियोजित योजना के तहत छह जनवरी 2026 को रामा पार्क सेक्टर-37डी के पास संजय शर्मा की गाड़ी को टक्कर मारी। जब संजय शर्मा गाड़ी से नीचे उतरा तो गुरुदत्त ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा किया कि इस वारदात को अंजाम देने की योजना वे काफी समय से बना रहे थे। आरोपी गुरुदत्त शर्मा, आरोपी अनिल को पिछले लगभग 10 वर्षों से जानता है। आरोपी अनिल मुजफ्फरनगर में प्राइवेट बस चालक के रूप में कार्य करता है। गुरुदत्त शर्मा ने हत्या की वारदात को अंजाम देने व रेकी के लिए आरोपी अनिल को 10 लाख रुपये दिए थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि हत्या की योजना बनाने एवं वारदात के बाद पुलिस से बचने के तरीकों के लिए इन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखे थे। वीडियो देखकर ही हत्या की साजिश रची।