चंडीगढ़, 12 जनवरी, 2026 : रामकृष्ण मिशन आश्रम, सेक्टर-15बी, मध्य मार्ग, चंडीगढ़ में आज भारत के महान आध्यात्मिक नेता, दार्शनिक एवं युवा प्रेरणा-स्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एच. राजेश प्रसाद, मुख्य सचिव, यू.टी. चंडीगढ़, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं द्वारा प्रस्तुत भाषणों, गीतों एवं कविताओं के विशेष सत्र के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के शक्ति, चरित्र निर्माण, सेवा एवं राष्ट्रीय पुनर्जागरण के संदेश को उजागर किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एच. राजेश प्रसाद ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर मुख्य भाषण दिया। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई आयु सीमा नहीं होती और व्यक्ति जीवन के किसी भी चरण में सीखना जारी रख सकता है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी कार्य करना चाहिए, क्योंकि सामूहिक प्रयासों से ही राष्ट्र निर्माण संभव है। उन्होंने आगे कहा कि हृदय की पवित्रता से आत्मविश्वास का विकास होता है।

स्वामी विवेकानंद के विचारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्य सचिव प्रसाद ने कहा कि ईश्वर केवल मंदिरों, चर्चों या मस्जिदों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में और हर स्थान पर विद्यमान हैं; अतः मानवता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी आह्वान “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर लो” पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान सम्मान एवं पुरस्कार वितरण, स्वदेश मंत्र का पाठ, स्वामी विवेकानंद पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसके पश्चात धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान हुआ। कार्यक्रम का समापन पुस्तक वितरण एवं प्रसाद भोज के साथ किया गया।

स्वामी विवेकानंद द्वारा वर्ष 1897 में स्थापित रामकृष्ण मिशन एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक एवं परोपकारी संगठन है, जो “आत्मनो मोक्षार्थं जगद्धिताय च” (स्वयं की मुक्ति और जगत के कल्याण हेतु) के आदर्श वाक्य से प्रेरित होकर शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा विकास एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में कार्य कर रहा है।