घायलावस्था में अस्पताल रवाना किया गया
न्यूज़म ब्यूरो
सैफई / लखनऊ। महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदियनाथ के सख्त संदेश के बाद पुलिस के हौंसले बुलंद हैं। इटावा जिले के कस्बा बसरेहर में अबोध बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी के निकल भागने की सूचना पर पुलिस ने नाकेबंदी कर डाली और महज तीन घंटे में आरोपी को दबोचते हुए कानून का पाठ पढ़ा दिया है। पुलिस से मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग भी की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली ने उसके दाहिने पांव को छेद डाला। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल रवाना किया गया है। मौके पर पहुंचे एडीशनल एसपी रूरल श्रीश चंद ने पुलिस मुलाजिमों की पीठ ठोंकते हुए बताया कि दुष्कर्म के वांछित आरोपी को मुठभेड़ के दौरान दबोचा गया है और बनती कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

बता दें कि बीते शनिवार रात को ही जनपद इटावा के कस्बा बसरेहर क्षेत्र में एक 7 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना पुलिस को मिली, जिसके बाद थाना बसरेहर में पंजीकृत मु.अ.सं. 02/2026, धारा 65(2) बीएनएस एवं 5/6 पॉक्सो एक्ट में वांछित अभियुक्त प्रशांत पुत्र रमेश चंद्र, निवासी किल्ली रड, कस्बा बसरेहर, थाना बसरेहर, जनपद इटावा, उम्र लगभग 22 वर्ष को पुलिस मुठभेड़ के दौरान कल्ला बाग से अकबरपुर रोड पर ग्राम लालपुरा को जाने वाली चकरोड से गिरफ्तार किया गया है।

बता दें कि वारदात के सिर्फ तीन घंटे के भीतर ही इटावा पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त को पकड़ा है। उसने पुलिस को देखते ही देसी कट्टे से फायर भी किया, जिसके प्रत्युत्तर में पुलिस की गोली उसके दाहिने पैर में धंस गई और वह घायल हो गया। पुलिस को अभियुक्त के कब्जे से एक अदद तमंचा 315 बोर, 2 जिंदा कारतूस एवं 2 खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। घायल अभियुक्त को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

उधर, मुठभेड़ की सूचना मिलते ही मौके पर इटावा रूरल के एडीशनल एसपी श्रीश चंद और सैफई के सीओ कुशल पाल सिंह पहुंचे, जहां थाने के एसएचओ सौरभ सिंह ने घटना स्थल दिखलाया और बताया कि अभियुक्त के विरूद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। यहां एडीशनल एसपी रूरल श्रीश चंद ने दुष्कर्म की घटना में वांछित अपराधी के पकड़े जाने को लेकर पूरी जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार रात की घटना पर त्वरित कार्रवाई की गई है।

पुलिस अफसरों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं के प्रति अपराध करने वालों के साथ किसी तरह के रहम की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी कहीं भी छिपा हो या वारदात करके भाग रहा हो, उसे अगले चौराहे पर या सड़क के मोड़ पर पुलिस से सामना करना ही पड़ेगा। उसे छोड़ा बिल्कुल नहीं जाएगा। इटावा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर प्रदेश की जनता में पुलिस की रक्षक के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है।