उद्योगपतियों से वार्ता के दौरान तीसरे सत्र में टेक्सटाइल इंडस्ट्री के मुद्दों पर रहा विशेष फोकस
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 22 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री देश के सबसे पुराने उद्योगों में से एक है। यह आम जन मानस से जुड़ा हुआ उद्योग है। हरियाणा के पानीपत, फरीदाबाद सहित कई जिले ऐसे हैं, जो देश में सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट करते हैं। मौजूदा समय में इस इंडस्ट्री को सहारे की आवश्यकता है और हरियाणा की नई औद्योगिक नीति 2026 प्रदेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित होगी। श्री सैनी ने बुधवार को यह बात नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में प्रदेश के टेक्सटाइल एक्सपोर्टरों से मुलाकात के दौरान कही।

हरियाणा औद्योगिक नीति 2026 (ड्रॉफ्ट) पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी देश व प्रदेश के साथ-साथ विश्व स्तर पर पहचान रखने वाली बड़ी औद्योगिक ईकाईयों व समूहों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहे थे। यहां उन्होंने टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े प्रदेश के औद्योगिक ईकाईयों के प्रमुखों से बातचीत के लिए अलग से समय निकाला। इनमें प्रमुख तौर पर टेक्सटाइल इंडस्ट्री के सामने वर्तमान की चुनौतियों पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि इस इंडस्ट्री की समस्याएं कुछ अलग हैं। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, हिसार व अन्य जिलों के उद्योगपतियों के सामने आ रही दिक्कतों पर अलग से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। सांयकालीन सत्र की इस बैठक में 15 से अधिक बड़े उद्योगपतियों जिनमें हिंदुस्तान सीरिंज एंड मेडिकल डिवाइस के एमडी राजीव नाथ ने फॉर्मा उद्योग से जुड़ी समस्याओं व नई पॉलिसी को लेकर सुझाव दिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कंपनी अपना भविष्य का विस्तार हरियाणा में ही करे, इसके लिए हरियाणा सरकार पूरी तरह से उन्हें सहयोग करेगी।

बैठक के दौरान एयर वाटर इंडिया के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर केनसी नोजू ने रोहतक व बावल में से एक स्थान पर 200 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से अपना मेडिकल आक्सीजन व वाटर प्लॉट लगाने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कंपनी को जहां सुविधा हो, वहां जगह व सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। इसके बाद वेलस्पून इंडिया के चीफ इकनोमिस्ट अनुज अग्रवाल ने भी हरियाणा में अपनी कंपनी के विस्तार की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि कंपनी हरियाणा में डेटा सेंटर सहित कई प्रोजेक्ट पर काम करना चाहती है। मूलतः हिसार निवासी व गौतम सोलर के सीजीएम अंकित सांगवान ने भी हरियाणा में अपनी नई यूनिट स्थापित करने के लिए इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि कंपनी सौलर सहित उससे जुड़े उद्योगों के लिए वर्ष 2028 तक कई प्रोजेक्ट का विस्तार करना चाहती है। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कंपनी के साथ तालमेल कर परियोजना को सिरे चढ़ाएं।
इसके साथ ही सैब एफ एफ वी ओ के चीफ आपरेटिंग आफिसर तपन ऋषि भटनागर, सेंच्युरी प्लाइवुड (स्टार सीमेंट) के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रेम कुमार बजानका, ब्यूमरइंडिया के एमडी इंडिया व सीईओ कलस्टर एशिया नितिन व्यास, डीसीएम नोवैली के एमडी हेमेंत भरतराम, मॉडल इकनोमिक टाउनशिप लिमिटिड के सीईओ व निदेशक एसवी गोयल, साही एक्सपोर्ट के एमडी हरीश आहूजा के साथ भी नई औद्योगिक पॉलिसी – 2026 (ड्राफ्ट) को लेकर चर्चा हुई व उनके सुझाव मांगे गए। बैठक में इंडस्ट्री, वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, महानिदेशक इंडस्ट्रीज डॉ यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।