चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य अधिकारियों के साथ आज बुड़ैल जेल का दौरा कर वहाँ उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं, कल्याणकारी उपायों, कौशल विकास पहलों तथा बंदियों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।

दौरे के दौरान प्रशासक कटारिया ने जेल रसोईघर और उसके मेन्यू की समीक्षा की, तैयार किए जा रहे विभिन्न व्यंजनों का अवलोकन किया तथा भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर का आकलन करने के लिए स्वयं भोजन चखा।

उन्होंने स्वच्छ एवं प्रभावी भोजन तैयार करने हेतु स्थापित आधुनिक रसोई उपकरणों का भी निरीक्षण किया, रसोई कर्मचारियों से संवाद किया और उपयोगी पाक संबंधी सुझाव साझा किए।

मिठाई अनुभाग में प्रशासक कटारिया ने बंदियों द्वारा तैयार की जा रही मिठाइयों की प्रक्रिया की समीक्षा की, गुणवत्ता मानकों की जांच की तथा मौके पर उपस्थित अधिकारियों से उपलब्ध कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्हें इस कार्य में संलग्न बंदियों को दिए जा रहे दैनिक पारिश्रमिक के बारे में भी अवगत कराया गया।
बुड़ैल जेल परिसर में संचालित जीवन धारा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में प्रशासक ने चल रहे आईटीआई पाठ्यक्रमों की समीक्षा की, जिनमें कक्षा 10 उत्तीर्ण बंदी औपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने प्रशिक्षकों और बंदी विद्यार्थियों से बातचीत की, उनकी शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की और पूर्व अनुभव रखने वाले बंदियों को अपने कौशल को और निखारने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने अधिकारियों को चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य उपलब्ध कराने की संभावनाएँ तलाशने की सलाह दी, जिससे बंदियों की भागीदारी और कौशल को बढ़ावा मिल सके। वर्तमान में आईटीआई में वुडवर्क टेक्नीशियन और सिलाई प्रौद्योगिकी के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

महिला जेल में प्रशासक कटारिया ने रसोई सुविधाओं और मेनू की समीक्षा की। उन्होंने महिला बंदियों के लिए उपलब्ध पुस्तकालय-सह-पठन कक्ष तथा आईटीआई (ITI) से संबंधित गतिविधियों का भी अवलोकन किया।
महिला बंदियों से संवाद के दौरान प्रशासक ने एक जनसेवक के रूप में उनकी अपीलों को धैर्यपूर्वक सुना और उन विचाराधीन बंदियों के प्रति चिंता व्यक्त की, जिनके पास जमानत के लिए पारिवारिक या सामाजिक सहयोग उपलब्ध नहीं है।

यूटी प्रशासक कटारिया ने जेल औषधालय का भी निरीक्षण किया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें चिकित्सा सुविधाओं, औषधि प्रबंधन, रोगी अभिलेख संधारण तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन अस्पतालों के विशेष विभागों में संदर्भण (रेफरल) प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
उन्हें बताया गया कि नियमित चिकित्सा के लिए चिकित्सक समय-समय पर जेल का दौरा करते हैं तथा विशेष उपचार की आवश्यकता होने पर बंदियों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार संदर्भित किया जाता है।

सांस्कृतिक और पुनर्वास संबंधी पहलों की समीक्षा करते हुए प्रशासक कटारिया ने संगीत प्रशिक्षक से संवाद किया, जिन्होंने बताया कि कई विचाराधीन बंदी संगीत गतिविधियों में रुचि दिखा रहे हैं। माननीय प्रशासक ने महिला बंदियों के लिए भी ऐसी ही सुविधाएँ उपलब्ध कराने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने केंद्रीकृत रेडियो स्टेशन एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम का भी अवलोकन किया, जिसके माध्यम से पूरे दिन जेल परिसर में ओम मंत्र का प्रसारण किया जाता है।

न्याय और पुनर्वास के सिद्धांतों पर बल देते हुए प्रशासक ने अधिकारियों को दीर्घ अवधि से निरुद्ध विचाराधीन बंदियों पर विशेष ध्यान देने तथा आवश्यकतानुसार समयबद्ध कानूनी प्रक्रिया में सहयोग सुनिश्चित करने की सलाह दी। उन्होंने जेल परिसर के भीतर सड़कों की मरम्मत के महत्व पर भी जोर दिया, जिससे बुनियादी ढांचे और सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके।