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चर्चा तो है….

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निश्छल भटनागर की कलम से…. 

 

सावधानी हटी….और दुर्घटना फिर घटी ! 

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दूसरों की कमियां निकालना…. उन्हें कमतर बताना…. उनकी गड़बड़ियां उजागर करना…. भाता नहीं कतई, हमें…. मग़र, मजबूरी है, क्योंकि…. ये बताना भी ज़रूरी है। चर्चा है कि…. जंगलात महकमे की डगर पर…. चल पड़े हैं सरकार के दूसरे महकमे भी। हरे भरे…. बेजुबान दरख्तों पर आरी चलवाने के ज़िम्मेवार अफसरों की फहरिस्त में अबकी मर्तबा…. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अफसर भी….अपना नाम दर्ज़ करवाने के चाहवान हैं। अभी लोग भूले नहीं हैं, जबकि…. पंचकूला के आसरेवाली क्षेत्र में….खैर के 1148 पेड़ों की बलि लेने के मामले में…. निचले रैंक से लेकर…. डीएफओ समेत वन बल प्रमुख रहे…. पीसीसीएफ रैंक के दो आला अफसर जबरन…. कुर्सी से दिए गए उतार। पूरे मामले में जिस तरह से लापरवाही और…. मनमानी के बने – नज़र आए आसार…. उनका चला ज़ोर ऐसा कि…. अब तक बिना किसी जिम्मे के…. बैठा दिए गए बेकार। तूल पकड़ गया प्रकरण कुछ ऐसा कि…. हमेशा ही हर तरफ मुस्कराहट बिखेरने वाले नायाब मुख्यमंत्री…. नायब सिंह सैनी भी गए तमतमाए और…. गुस्सा करने को हुए लाचार। मामले कि मुक़ामाल जांच और…. एफआईआर तक दर्ज़ करने के दिए आर्डर। लेकिन अब चर्चा कुछ और आगे है बढ़ गई…. आस पास के जंगलों में पेड़ों के अवैध कटान की आशंका में हुई जांच की रिपोर्ट ने…. फिर से आला अफसरों के बीच मचा दी है हलचल।

चर्चा है कि….डीसी पंचकूला के पास एसडीएम कालका की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने सौंपी है जो रिपोर्ट…. वो बताती है कि…. पिंजौर में एचएमटी से साथ लगते जंगल की जांच में पाया गया …. कि खैर के 1456 पेड़ों के ठूंठ ( मुडिया ) हैं चुगली करते…. इनमे 210 नए ठूंठ और …. 1246 पुराने हैं अव्यवस्था पर मुंह चिढ़ाते…. ये बताते कि हम भी गर्व से ज़रूर खड़े रहते …. जो न चलती हम पर आरी। ज़मीन से आसमां की तरफ…. चंद इंच के फासले पर ही…. मोटर संचालित कटर ने छीन ली…. सैंकड़ों पेड़ों की हरियाली बिखेरती ज़िंदगानी…. चर्चा ये कि निरीक्षण टीम के सदस्य हैं बताते…. माहौल गया एकदम बदल, वहां…. कभी थी ये 334.35 एकड़ जमीन एचएमटी की, लेकिन 13.06.2018 को स्थानांतरित हो गई HSIIDC को…. फिर इस जमीन की मलकियत 29.09.2020 को HSVP को कर दी गई स्थानांतरित। उसी समय सम्पदा अधिकारी ने कार्यकारी अभियंता डिवीज़न-2 को दे दी जमीन से जुडी जिम्मेवारी …. लाख टके का सवाल ये कि 50 से ज़्यादा चौकीदारों और मुलजामों के बावजूद…. कैसे चलती रही पेड़ों की जवानी पे कटारी…. पेड़ों से बातें करने और उन्हें समझने वाले…  हॉर्टिकल्चर व फारेस्ट के मंझे हुए कर्मचारी हैं बताते. थोड़े कमज़ोर से पौधे इंसानों को देख मनो जिज्ञासा दिखलाते …. और ये कहते कि …. क्या था इन जवां पेड़ों का कुसूर…. किसकी राह में बन रहे थे रोड़ा, ये बेकसूर…. काटने से पहले कोई तो सोचता ये ज़रूर…. कि किस बात का है फितूर. हुई गर जांच तो सर पर आफत आएगी हूज़ूर। चर्चा है कि …. बीती 9 अप्रैल को रवाना हुई…. डीसी की पाती पहुँच चुकी है एफसीआर तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की एसीएस के पास, पर्यावरण वन एवं वन्य जीव विभाग के एसीएस के पास, वन बल प्रमुख हरियाणा के पास और HSIIDC के जिम्मेवार अफसर के पास।

ब्यूरोक्रेसी में है चर्चा कि…. जब 1148 पेड़ों कि अवैध कटाई पर नाप दिए गए थे वन विभाग के अफसर, तो…. HSVP के जिम्मे वाले इस क्षेत्र में हुई….खैर के 1456 पेड़ों की कटाई क्या गुल खिलाएगी …. अब किस अफसर की कुर्सी जाएगी। किस पर गिरेगा कार्रवाई का नज़ला…. क्योंकि पिंजौर पुलिस थाने में एफआईआर तो….शायद है दर्ज़ हो चुकी, मग़र पेड़ों की अवैध कटाई का सेहरा…. किसी न किसी के सिर तो है बंधेगा…. कोई न कोई तो ज़रूर सज़ा की सूली चढ़ेगा, देखने वाली बात होगी कि आखिर कौन…..। चर्चा ये भी है कि…. पंचकूला के आसरेवाली क्षेत्र में अवैध कटाई पर…. डीएफओ से लेकर चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन और वन बल प्रमुख को तो….हटा दिया गया, मगर जिम्मेवारी की जद में आने वाले कंज़र्वेटर को…. बिलकुल नजरअंदाज कर दिया गया। महकमे के अफसर हैं हैरान कि…. कैसे रह गई ये चूक कि …. जिसके सुपरविज़न में पंचकूला और यमुनानगर वन क्षेत्र है आता…. उसे आखिर कौन है बचाता। जब नीचे से ऊपर तक सबको मिली सज़ा…. तो वही अकेले क्यों करे मज़ा। चर्चा है कि…. ज़िम्मेवारी होनी तो चाहिए फिक्स…. अन्यथा माना यही जायेगा कि…. होता है हर कहीं पिक एंड चूज़…. वाला नज़रिया। 

 

जो बोले सो निहाल…. सत श्री अकाल 

बंगाल की चुनावी जंग तो है…. पॉलीटिकल पार्टियों के सिर पर खड़ी। अपने अपने अंदाज़ में …. पार्टियां हैं ज़ोर लगा रहीं। मतदाताओं को लुभा रहीं…. कभी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बंगाल कि धरती पर….टीएमसी को गलत नीतियों के चलते घेरते…. गियर में लेते, उन्हें डबल इंजन की सरकार के बारे में बताते…. प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी का फायदा समझाते …. हरियाणा में हुए विकास की गाथा सुनाते। तो कभी यूपी से बुलडोज़र बाबा हैं टीएमसी के गुंडों पर चढ़ाई करते…. इतना ज़ोर से दहाड़ते कि बांग्ला मानुष खिलखिलाते दिखते …. योगी योगी कहते। सीएम योगी रोड शो करते तो कहते….आमार सोनार बांग्ला, अब टीएमसी मुक्तो बांग्ला (हमारा सोने जैसा बंगाल, अब टीएमसी मुक्त बंगाल) ….4 मई दीदी गई। राजनीतिक पार्टियों की लगाई गई ड्यूटी निभाने…. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू भी दिखते हैं…. ज़ोर लगाते। दिए गए टास्क और उम्मीदवार के समर्थन में…. नारे लगवाते, उन्हें जिताने की अपील करते। इन सबके बीच पंजाब में पॉलीटिकल पार्टियां…. अगले बरस चुनावी मैदान मारने को सजा रही हैं व्यूह रचना…. एक दूसरे को कोसने- टोकने के अलावा…. कमियां निकालने, विरोधी को चित करने की तैयारियां चल पड़ी हैं ज़ोर शोर से। चर्चा है कि…. पड़ोस में अपनी रिश्तेदारी में जाने वाले…. बुलौवा मिलने पर पंजाबियों में जोश भरने जाते रहते हैं…. हरियाणे के हंसमुख मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। अपने पडोसी सूबे के सीएम को दूसरी पार्टियों के कुछ जोशीले कार्यकर्त्ता दिखाते हैं काले झंडे…. तो कभी उनके मुस्कुराने, हरियाणा की योजनाओं पर सवाल उठाते…. उनके पहनावे और पग ( दस्तार ) पर भी हैं अंगुली उठाते। चर्चा थी कहीं चली कि…. बननी चाहिए ऐसी नायाब प्लानिंग कि पंजाब जाएं सीएम तो…. साथ दिखे उनके ऐसे हमराही, जो हों पगधारी…. साथ खड़े होने से ही नज़र आए सरदारी…. वैसे भी होते रहते हैं अकसर तबादले अफसरों के इधर से उधर…. अबकी हों तो ठिठकनी चाहिए…. पड़नी चाहिए इस ओर भी नज़र। थिंक टैंक की निगाहें….जो जाएं इक बार ठहर, और उन्हें …. आ जाए वो नज़र, तो…. लग जाएगा खुद ही जनाब ….आप -के मुंह पर ताला। और देखने वालों को दिखेगा वो कमाल…. चुनावी बरस में हर तरफ मचेगा धमाल और…. बोलेगा हर कोई, जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल। 

 

निष्ठा को मिलेगा मान या फिर सिफारिश लगाएगी छलांग 

नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में…. टिकट की दावेदारी को लेकर ज़ोर-आजमाईश जारी है। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने जिगरा दिखाते हुए…. अपने अधिकृत उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राओ नरेंद्र सिंह ने अंबाला नगर निगम के लिए कुलविंद्र कौर तथा सोनीपत नगर निगम के लिए जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के अध्यक्ष कमल दीवान को अधिकृत उम्मीदवार बनाया है…. जबकि पंचकूला से हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रहीं सुधा भारद्वाज को महापौर के लिए…. कांग्रेस प्रत्याशी घोषित किया है। लेकिन…. भाजपा समेत दूसरे राजनीतिक दलों के पत्ते खुलने अभी हैं बाकी। पार्टी कार्यककर्ताओं में है ऐसी चर्चा कि …. इस बार संगठन के प्रति निष्ठा को मिलेगा मान….  या फिर किसी नेता की सिफारिश से पैराशूट लेकर…. मैदान में कोई उतरेगा या उतरेगी। इस पूरे एपिसोड के बीच छोटे कार्यकर्ताओं के दिलो दिमाग में…. ये विचार ले रहा है जनम कि…. कहीं हम सिर्फ कुर्सी लगाने वाले ही बनकर न रह जाएं, और…. माल झाड़कर कोई और ही टिकट न ले आए। रविवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में हुई आला पदाधिकारियों के साथ…. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ोली की मंत्रणा ने कर दी है तस्वीर साफ़…. कि नाम जिसका भी खुलेगा, वो सबकी राय शुमारी के बाद निकलेगा। एक जिले के अध्यक्ष के पास…. पार्षदी के चाहवान उम्मीदवारों का लगातार आना…. और दावेदारी पेश करना मार्किट में चुगली करता दिख रहा है। चर्चा है कि एक दो मलाईदार जगहों पर ….किसी मालदार की सिफारिश ऐसे बड़े नेता कर रहे हैं…. जिन पर खुद पार्टी के प्रति निष्ठा और…. ईमानदारी से अपना दायित्व निभाने का जिम्मा है। कहीं ये भी चर्चा जोर पकड़ती दिख रही है कि….गुजरे ज़माने का एक नेता किसी दूसरी पार्टी से….नेता आयात करने की कवायद में जुटा हुआ है…. पहले भी उसने ऐसा ही गुल खिलाया हुआ है, खैर…..। जिसको जो करना हो कर ले….  वोट तो पब्लिक ने ही देना है और पब्लिक…. सब जानती है। अंदर क्या है बाहर क्या है, ये सब…. पहचानती है। ऐसी चर्चा है कि भाजपा एक जिले से…. युवा पदाधिकारी को मैदान में उतार सकती है, जबकि…. एक अन्य जगह पर महिला प्रत्याशी को…. कमल का निशान थमा सकती है। इन सबके बीच हरियाणा के निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण…. पूरा ज़ोर लगाए हुए हैं कि मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट का पालन सुनिश्चित हो। इसके लिए पूरे प्रदेश में…. घूम घूम कर उनका भ्रमण जारी है। अफसरों को कसना और उन्हें….अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाने, गलती से भी गलती न रहने देने….की कोशिशें तेज़ होती दिख रही हैं। चर्चा है कि…. नेता नगरी की फोटो लगी होर्डिंग्स और बैनर्स पर लगाम लगाने में…. कुछ जगहों पर मशक्कत की जानी अभी भी बाकी है। इन सबके बीच देखने वालों बात ये होगी कि…. पार्टियों के वफादार कार्यकर्त्ता अपने हक़ कि लड़ाई जीतेंगे…. या कुछ उलटा होने की सूरत में…. मैदान में डटने की बजाए मन-मसोस कर घर पर ही पद जाएंगे। 

 

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