चंडीगढ़। बेघरों के लिए चंडीगढ़ में किए गए इंतजामात कितने प्रभावी हैं। उनमें कौन सी सुविधाएं और होनी चाहिए तथा अभी वे किस हाल में हैं…ये देखने जानने के लिए पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की गाड़ियों का काफिला बीते रविवार की रात सिटी ब्यूटीफुल की सड़कों पर दौड़ पड़ा।

ऐसे में उनके साथ जिलाधीश निशांत कुमार यादव और चंडीगढ़ नगर निगम के कमिश्नर अमित कुमार सहित शहर की प्रथम नागरिक एवं मेयर हरप्रीत कौर बबला भी मौजूद रहीं।

पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ में बेघर एवं जरूरतमंद लोगों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

उन्होंने सरकारी मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल (जीएमएसएच) सेक्टर-32, जीएमएसएच सेक्टर-16, पीजीआई एमईआर (पीजीआई) सेक्टर-12 तथा इंटर-स्टेट बस टर्मिनस (आईएसबीटी) सेक्टर-17 में स्थित रैन बसेरों का निरीक्षण किया।
दौरे के दौरान प्रशासक ने कड़ाके की ठंड के मद्देनज़र स्थापित रैन बसेरों में उपलब्ध सुविधाओं का जायज़ा लिया। उन्होंने बिस्तर, कंबल, पीने का पानी, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता सुविधाएं और समग्र साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की।

उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से यह भी कहा कि सर्दी के मौसम में ठंड की मार झेल रहे जरूरतमंद और बेघर लोगों को कंबलों का वितरण सुनिश्चित किया जाए।

इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से बातचीत की और रैन बसेरों में शरण लेने वाले व्यक्तियों की गरिमा, सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करने पर बल दिया।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों का कल्याण चंडीगढ़ प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने रैन बसेरों में ठहरने वालों की नियमित निगरानी, रख-रखाव तथा मौसम की अत्यधिक कठिन परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति को बिना संरक्षण न रहने देने के लिए नगर निगम, स्वास्थ्य संस्थानों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर अस्थायी, जलरोधी रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं। इन रैन बसेरों में कुशनयुक्त कालीन, रजाइयाँ, गद्दे, तकिए, कंबल, विद्युत कनेक्शन, पीने का पानी, शौचालय तथा अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।