चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने रविवार को चंडीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में वन विभाग, इंजीनियरिंग विभाग तथा नगर निगम द्वारा किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के कार्यों की सराहना भी की।

बता दें कि कटारिया ने 5 जुलाई, 2025 को चंडीगढ़ के 23 स्थानों पर एक ही दिन में 1,17,836 पौधे रोपित कर शहर की हरित पहल को नई गति प्रदान की थी। इसी क्रम में उन्होंने आज नौ विभिन्न स्थलों पर जाकर वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की। यह निरीक्षण पर्यावरण संरक्षण एवं शहरी हरितीकरण के प्रति प्रशासन की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

निरीक्षण की शुरुआत राजेंद्र पार्क से हुई, जहाँ 5 जुलाई को वन महोत्सव–2025 का औपचारिक शुभारंभ किया गया था। इसके पश्चात निरीक्षण सुखना वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत कांसल क्षेत्र स्थित वृक्षारोपण स्थलों तक किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रशासक ने पौधों के रख-रखाव एवं 80 से 95 प्रतिशत तक की जीवितता दर पर संतोष व्यक्त किया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधों का निरंतर संरक्षण सुनिश्चित किया जाए ताकि चंडीगढ़ के नागरिकों को स्वस्थ एवं हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने निराई-गुड़ाई, सिंचाई तथा अन्य सिल्वीकल्चरल क्रियाओं को नियमित रूप से करने पर भी बल दिया।
कटारिया ने हाईकोर्ट प्रवेश मार्ग तथा जन मार्ग पर इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किए गए वृक्षारोपण कार्यों का भी निरीक्षण किया, जहाँ 30,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इसके पश्चात उन्होंने नगर निगम द्वारा सेक्टर-23 स्थित रोज़ नर्सरी में विकसित उच्च घनत्व (मियावाकी) वृक्षारोपण स्थल तथा सेक्टर-36 स्थित फ्रेग्रेंस गार्डन के वृक्षारोपण स्थल का दौरा किया।

रॉक गार्डन के पीछे कैम्बवाला रोड पर किए गए वृक्षारोपण का निरीक्षण करते हुए प्रशासक ने वन विभाग के प्रयासों की सराहना की, जिसके माध्यम से सीवेज-प्रभावित वन क्षेत्र का सफलतापूर्वक पारिस्थितिक पुनर्स्थापन किया गया है। सीवेज के प्रभावी डायवर्जन एवं बंडिंग संरचनाओं के विकास से यह क्षतिग्रस्त वन भूमि अब एक हरे-भरे क्षेत्र में परिवर्तित हो चुकी है।

इसके पश्चात प्रशासक ने सुखना वन्यजीव अभयारण्य में प्रवेश कर कांसल वन क्षेत्र में किए जा रहे जैव विविधता संवर्धन एवं पारिस्थितिक पुनर्स्थापन कार्यों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान प्रशासक के साथ गृह सचिव-सह-सचिव वन एवं पर्यावरण मंदीप सिंह बराड़; मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार, मुख्य वन संरक्षक; आयुक्त नगर निगम चंडीगढ़ अमित कुमार; वन संरक्षक अनुप सोनी; डीसीएफ नवनीत श्रीवास्तव; वन विभाग का मैदानी स्टाफ तथा इंजीनियरिंग विभाग एवं नगर निगम के वरिष्ठ अभियंता एवं अधिकारी उपस्थित रहे।