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नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश की आधी आबादी को मिलेगा पूरा हक

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“नारी बढ़ेगी तो देश बढ़ेगा और भारत विकसित बनेगा” यह उद्घोष आज केवल एक सरकारी नारा नहीं है, बल्कि 21वीं सदी के भारत का संकल्प बन चुका है। भारत की विकास यात्रा में महिलाएं अब केवल ‘भागीदार’ नहीं, बल्कि ‘नेतृत्वकर्ता’ की भूमिका में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘महिला विकास’ से आगे बढ़कर अब ‘महिलाओं के नेतृत्व में विकास’ का एक नया युग शुरू हुआ है।
विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश की आधी आबादी को सशक्त करना अनिवार्य है। इसी दिशा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा उठाया गया एक ऐसा क्रांतिकारी कदम है, जिसने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में महिलाओं के लिए स्वर्णिम द्वार खोल दिए हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकतंत्र में महिलाओं का नया युग साबित होने वाला है।
नारी सशक्तिकरण की दिशा में सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कदम ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (128वां संविधान संशोधन विधेयक) है। दशकों से लंबित इस कानून को मोदी सरकार ने पारित कर यह सिद्ध कर दिया कि उनकी नीति और नियत दोनों ही महिला उत्थान के प्रति स्पष्ट हैं।
राजनीतिक सशक्तिकरण: यह अधिनियम लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करता है और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करता है। जब महिलाएं नीति-निर्धारक बनेंगी, तो वे समाज की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझकर अधिक संवेदनशील और प्रभावी नीतियां बना सकेंगी।
विकसित भारत का स्तंभ यह अधिनियम केवल सीटों का आरक्षण नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीय महिलाओं के आत्मविश्वास का सम्मान है। यह इस बात का प्रमाण है कि विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति का योगदान सर्वोपरि होने वाला है।
मोदी सरकार का विजन सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन
प्रधानमंत्री मोदी का विजन महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। पिछले दशक में सरकार ने ‘लाइफ सायकल’ आधारित अप्रोच अपनाई है, जिसमें जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक महिलाओं के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।
शिक्षा और सामाजिक सोच में बदलाव
सशक्तिकरण की शुरुआत सोच बदलने से होती है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने न केवल लिंगानुपात में सुधार किया, बल्कि समाज की मानसिकता को भी बदला। आज लड़कियां शिक्षा के क्षेत्र में लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।
आर्थिक आत्मनिर्भरता और उद्यमिता
मोदी सरकार ने महिलाओं को ‘बेनिफिशियरी’ से ‘एंटरप्रेन्योर’ बनाने पर जोर दिया है। मुद्रा योजना के तहत दिए गए ऋणों में से लगभग 70% लाभार्थी महिलाएं हैं, जो छोटे-छोटे व्यवसाय चलाकर अपने परिवार और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रही हैं।
ग्रामीण भारत में ‘लखपति दीदी’ योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया जा रहा है। ये समूह आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं।
आधुनिक तकनीक से महिलाओं को जोड़ते हुए उन्हें खेती के लिए ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो नवाचार और नारी शक्ति का अद्भुत संगम है। यानि महिलाएं अब ड्रोन दीदी बनकर देश की प्रगति में अपनी भागीदारी निभा रही हैं।
गरिमापूर्ण जीवन और स्वास्थ्य
महिलाओं के जीवन को सुगम बनाने के लिए बुनियादी सुविधाओं पर अभूतपूर्व काम हुआ है।
उज्ज्वला योजना: करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर उनके स्वास्थ्य की रक्षा की गई।
स्वच्छ भारत अभियान: करोड़ों शौचालयों के निर्माण ने महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान (डिग्निटी) प्रदान की।
जल जीवन मिशन:
‘हर घर नल से जल’ ने महिलाओं के उस समय और श्रम को बचाया जो पानी भरने में व्यर्थ होता था।
चुनौतियों से पार पाता नया भारत
यद्यपि हम प्रगति कर रहे हैं, लेकिन लैंगिक भेदभाव, सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता अभी भी कुछ – कुछ अस्तित्व में हैं। मोदी सरकार इन चुनौतियों का समाधान ‘कठोर कानून’ और ‘तकनीकी सुलभता’ के माध्यम से कर रही है। तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करना और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाना इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।
आज की महिला केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। वह फाइटर पायलट बनकर आसमान छू रही है। इसरो में वैज्ञानिक बनकर अंतरिक्ष की गुत्थियां सुलझा रही है और स्टार्टअप्स के माध्यम से दुनिया को नया नेतृत्व दे रही है।
नारी शक्ति से ही विकसित होगा भारत
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं का मूल उद्देश्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां हर महिला सुरक्षित महसूस करे, शिक्षित हो और आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो।
‘विकसित भारत @ 2047’ का सपना तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक भारत की बेटियां पूरी क्षमता से राष्ट्र निर्माण में भाग न लें। नारी शक्ति आज भारत के उज्जवल भविष्य की सबसे मजबूत धुरी है। जब देश की नारी सशक्त होगी, तभी हमारा समाज संतुलित होगा, हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और भारत पुनः ‘विश्व गुरु’ के पद पर आसीन होगा।
नारी शक्ति का वंदन ही असल में भारत का वंदन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार नारी को सशक्त करने में कामयाब हो रही है और नरेंद्र मोदी के इन्हीं प्रयासों से भारत तेजी से विकसित बनने की और अग्रसर है।
लेखक
पंडित मोहनलाल बडौली
प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा हरियाणा
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