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चंडीगढ़ में 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना, फिर 1 मई से घर-घर गणना : नवजोत-निशांत

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न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 14 अप्रैल। आगामी जनगणना 2027 के संबंध में आज एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें डॉ. नवजोत खोसा, आईएएस, निदेशक, जनगणना संचालन, यूटी चंडीगढ़ तथा निशांत कुमार यादव, आईएएस, उपायुक्त सह प्रधान जनगणना अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ ने मीडिया को विशेष रूप से प्रथम चरण—हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना (HLO) की जानकारी दी।
भारत की जनगणना, जो कि जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियम, 1990 के अंतर्गत संचालित एक केंद्रीय विषय है, विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक अभ्यासों में से एक है। जनगणना 2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में आयोजित हुई थी, जबकि 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।
इस अवसर पर बताया गया कि जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण, नीतिगत निर्णय, आधारभूत संरचना विकास तथा संसाधनों के आवंटन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसके अतिरिक्त, यह निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन तथा अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जनगणना 2027 को यूटी चंडीगढ़ में दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण, हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना (HLO) के अंतर्गत स्व-गणना (Self-Enumeration) की अवधि 16.04.2026 से 30.04.2026 तक तथा घर-घर गणना 01.05.2026 से 30.05.2026 तक होगी। द्वितीय चरण, जनसंख्या गणना (PE) फरवरी 2027 में (हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए सितंबर 2026 में) आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण में आवास की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं एवं संपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी, जो द्वितीय चरण के लिए आधार का कार्य करेगी।
 
जनगणना 2027 की प्रमुख विशेषताओं में पहली बार मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल जनगणना, ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्व-गणना की सुविधा, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग तथा वेब-आधारित मैपिंग द्वारा हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (HLBs) का निर्माण शामिल है। नागरिक निर्धारित अवधि के दौरान आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर स्व-गणना कर सकते हैं। जानकारी सबमिट करने के बाद एक यूनिक SE आईडी जनरेट होगी, जिसे फील्ड सत्यापन के दौरान गणनाकर्ता को प्रदान करना होगा।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं के अंतर्गत यूटी चंडीगढ़ में कुल 2045 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं। इसके लिए 2250 गणनाकर्ता तथा 375 पर्यवेक्षक (रिजर्व सहित) नियुक्त किए गए हैं। उपायुक्त, यूटी चंडीगढ़ को प्रधान जनगणना अधिकारी नामित किया गया है। जनगणना से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि गणनाकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों के लिए 16.04.2026 से 29.04.2026 तक प्रशिक्षण निर्धारित है।
मीडिया से आग्रह किया गया कि वह जनजागरूकता फैलाने, नागरिकों को सहभागिता के लिए प्रेरित करने तथा विशेष रूप से डिजिटल जनगणना एवं डेटा गोपनीयता से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाए।
जनसाधारण से अपील की गई कि वे जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें, सही एवं सटीक जानकारी प्रदान करें तथा गणनाकर्ताओं को पूर्ण सहयोग दें। यह भी स्पष्ट किया गया कि एकत्रित सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए उपयोग में लाई जाएगी।
यह रेखांकित किया गया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय योजना एवं विकास की मजबूत आधारशिला है।
जनगणना 2027 से संबंधित जानकारी, शिकायतों के पंजीकरण एवं सहायता के लिए 16.04.2026 से यूटी चंडीगढ़ में एक राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर (1855) भी संचालित किया जाएगा, जहां नागरिक हेल्पडेस्क अधिकारी से भी संपर्क कर सकेंगे।
इस अवसर पर अमनदीप सिंह भट्टी अतिरिक्त उपायुक्त, यूटी चंडीगढ़; राजीव तिवारी, निदेशक जनसंपर्क तथा चंडीगढ़ प्रशासन एवं जनगणना कार्यालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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