चंडीगढ़। साल के आखिरी दिन हरियाणा को नया डीजीपी मिलना तय था। इससे पहले बुधवार सुबह मौजूदा डीजीपी ओपी सिंह का एक मर्मस्पर्शी खत महकमे के बीच दौड़ गया। लिखा था उन्होंने, 1992 में मैं आईपीएस रूपी रेल में सवार हुआ था। उसी दिन ये तय था कि मेरा स्टॉप 31 दिसंबर 2025 है। मुझे पता था कि एक दिन ये आएगा और मुझे वहां उतर जाना है। आज वही दिन है। ओपी सिंह के पत्र ने उनकी संवेदनशीलता को जगजाहिर कर दिया। उनकी सर्विस का अंतिम कार्य दिवस बीतने तक प्रदेश सरकार ने सूबाई पुलिस बल की कमान संभालने के लिए 1992 बैच के ही अजय सिंघल का नाम मुकर्रर कर दिया।
दीगर है कि डीजीपी पद के लिए यूपीएससी गए पैनल में पहले डीजीपी रह चुके एवं हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरमैन शत्रुजीत कपूर (1990) और कारपोरेशन में ही एमडी का दायित्व संभाल रहे आलोक मित्तल (1993) का नाम भी शामिल था, पर शाम बीतने से पहले होम सेक्रेटरी डा.सुमिता मिश्रा के आर्डर ने तस्वीर साफ कर दी कि सिंघल को पुलिस की कमान सौंपी जा रही है।
नायब सरकार द्वारा दिए गए दायित्व पर नवनियुक्त डीजीपी सिंघल बोले, मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विास जताते हुए ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। मैं पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी व समर्पण के साथ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पुलिस बल को और अधिक पेशेवर, संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहूंगा।
बता दें कि नवनियुक्त डीजीपी अजय सिंघल मूल रूप से रेवाड़ी से संबंध रखते हैं तथा उन्होंने प्रतिष्ठित आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की है। अपने तीन दशकों से अधिक लंबे, उत्कृष्ट व निष्कलंक सेवाकाल में उन्होंने कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विजिलेंस, रेलवे पुलिस, सीआईडी, स्पेशल ब्रांच, साइबर अपराध तथा आंतरिक सुरक्षा जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण व संवेदनशील क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अपने बेहतरीन सेवाकाल के लिए अजय सिंघल को वर्ष 2008 में पुलिस पदक तथा वर्ष 2017 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया है, जो उनकी पेशेवर उत्कृष्टता, कर्तव्यनिष्ठा व राष्ट्रसेवा की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
प्रशासनिक दक्षता, अनुशासनिप्रय नेतृत्व, गहन विश्लेषण क्षमता व निर्णायक कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले सिंघल की नियुक्ति से प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को नई ऊर्जा, स्पष्ट दिशा व संस्थागत मजबूती मिलने की उम्मीद है। उनका अनुभव व दूरदर्शिता हरियाणा पुलिस को और अधिक आधुनिक, सक्षम तथा जनोन्मुख बनाने में सहायक सिद्ध होगी। सिंघल ने बुधवार को ये बात कही भी कि आधुनिक तकनीक, बेहतर समन्वय, पारदर्शिता व मानवीय दृष्टिकोण के जरिए पुलिसिंग को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि आम नागरिक का विास पुलिस व्यवस्था में और सुदृढ़ हो सके।
1992 बैच के आईपीएस अजय सिंघल ने सेवाकाल में जिला स्तर से राज्य मुख्यालय तक अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलता से निर्वहन किया है। वे एसपी, आईजी, एडीजी तथा डीजी स्तर के पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई, जहां आर्थिक अपराधों, तस्करी व संगठित अपराध से जुड़े मामलों में उनके कार्य को विशेष रूप से सराहा गया।