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नैतिक साहस, आत्मचिंतन व समाज-हित को समर्पित रहा है महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन : डॉ. अरविंद शर्मा

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न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 11 अप्रैल। हरियाणा के  सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन नैतिक साहस, आत्म-चिंतन और समाज हित के लिए अटूट समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने  आंदोलनों के माध्यम से समाज में जागृति लाने का काम किया। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ते हुए नारी सशक्तिकरण के विचार को मजबूत कर रहे हैं।

मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा आज गोहाना में महात्मा ज्योतिबा फुले चौक पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।

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डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म भले ही एक साधारण परिवार में हुआ, लेकिन शुरुआती जीवन में आई चुनौतियां उनकी शिक्षा, साहस और समाज के प्रति समर्पण को नहीं रोक पाई। उनका जीवन यह दर्शाता है कि मानव जीवन में भले ही कितनी परेशानी आएं, लेकिन इंसान को मेहनत करते हुए ज्ञान हासिल करना चाहिए, ताकि समस्याओं का समाधान किया जा सके।

उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का विचार था कि ज्ञान किसी एक वर्ग की संपत्ति नहीं, बल्कि ऐसी शक्ति है जिसे सभी में सांझा किया जाना चाहिए। महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में लड़कियों और वंचितों के लिए उस समय स्कूल खोलने की बात कही, जब समाज के एक बड़े हिस्से को शिक्षा से वंचित रखा जाता था।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शिक्षा और नारी सशक्तिकरण के महात्मा ज्योतिबा फुले के विचार को देश में बीते 11 सालों से लागू कर रहे हैं। आज केंद्र व हरियाणा की सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से ऐसी व्यवस्था बना रही है जिसमें युवा सवाल पूछें, नई चीज सीखें और अनुसंधान के लिए प्रेरित हों। महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन आज भी समाज को यह संदेश देता है कि शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलकर ही देश को सशक्त और समृद्ध बनाया जा सकता है।

इस मौके पर डॉ. अरविंद शर्मा ने महात्मा ज्योतिबा फुले चौक के सौंदर्यीकरण के लिए स्वैच्छिक कोष से 11 लाख रुपए देने की भी घोषणा की।

 

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