चंडीगढ़, 30 दिसंबर। हरियाणा में साइबर अपराध के विरुद्ध बड़ी और निर्णायक सफलता दर्ज करते हुए साइबर सैल ने 29 दिसंबर 2025 को शत-प्रतिशत (100%) साइबर रिकवरी सुनिश्चित की है। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त 173 शिकायतों में कुल ₹81.07 लाख की ऑनलाइन ठगी की सूचना मिली थी, जिस पर त्वरित तकनीकी और समन्वित कार्रवाई करते हुए ₹81.99 लाख (101.1%) की राशि समय रहते होल्ड कर ली गई, जिससे ठग एक भी रुपया निकाल नहीं सके। यह उपलब्धि राज्य में साइबर अपराध नियंत्रण की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता मानी जा रही है।
इस दौरान साइबर अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया तथा ₹2.46 लाख की प्रत्यक्ष रिकवरी भी की गई। इसके साथ ही अब तक ₹87.66 लाख की राशि पीड़ितों को रिफंड कराई जा चुकी है, जिससे नागरिकों का विश्वास साइबर पुलिस प्रणाली पर और मजबूत हुआ है। ठगी की रोकथाम के लिए 530 फर्जी मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए, 47 सोशल मीडिया अकाउंट/लिंक टेक-डाउन कराए गए तथा 9 अपराधियों की क्राइम लिंकेज रिपोर्ट अन्य राज्यों के साथ साझा की गई, ताकि अंतरराज्यीय साइबर गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पूरे प्रदेश में चलाए गए समन्वित अभियानों के दौरान पुलिस ने अपराधियों, ड्रग तस्करों और संगठित गैंग नेटवर्क्स पर कड़ा प्रहार करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज कीं। इस व्यापक कार्रवाई का स्पष्ट संदेश है कि अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है और आम नागरिकों की सुरक्षा राज्य पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और व्यापक गिरफ्तारियां
दिनभर चली कार्रवाई के दौरान कुल 282 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 24 जघन्य अपराधों में संलिप्त आरोपी शामिल हैं। संगठित अपराध और गैंग नेटवर्क्स पर शिकंजा कसते हुए एक लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया तथा नौ अपराधियों की इंटेलिजेंस रिपोर्ट अन्य राज्यों के साथ साझा की गई, ताकि अंतरराज्यीय आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके और फरार अपराधियों की आवाजाही रोकी जा सके।
अवैध हथियारों और नशा तस्करी के विरुद्ध निर्णायक प्रहार
अवैध हथियारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आर्म्स एक्ट के तहत पांच मामलों में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से पांच अवैध पिस्तौल/कट्टे, छह जिंदा कारतूस तथा एक मैगजीन बरामद की गई। वहीं मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए गए अभियान के अंतर्गत एनडीपीएस एक्ट के तहत 12 मामलों में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 2.920 किलोग्राम गांजा, 35.300 किलोग्राम पोपी हस्क सहित अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिससे ड्रग तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
कानून-व्यवस्था, गश्त और डायल-112 की सशक्त भूमिका
प्रदेश में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डायल-112 पर प्राप्त 3705 इवेंट्स में से 3258 का त्वरित और प्रभावी निपटारा किया गया। सार्वजनिक शांति भंग करने वाले 23 हुड़दंगियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने के लिए 5,148 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, 1,575 पुलिस वाहन तथा 379 नाके सक्रिय रूप से तैनात किए गए, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सकी।
सड़क सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय
सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मोटर वाहन अधिनियम के तहत 11,073 चालान किए गए। सड़क दुर्घटनाओं में घायल 70 नागरिकों को पुलिस द्वारा त्वरित सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही कड़ाके की ठंड को देखते हुए मानवता के दायित्व का निर्वहन करते हुए 550 जरूरतमंद नागरिकों को भोजन एवं सहायता सामग्री उपलब्ध कराई गई।
जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा
नागरिकों को जागरूक और सतर्क बनाने के उद्देश्य से साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति एवं महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर 84 जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 9,117 नागरिकों ने सहभागिता की। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से बचाव, सतर्क व्यवहार और अपराध की त्वरित सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर अपराध पर ऐतिहासिक सफलता: 100% राशि सुरक्षित
साइबर अपराध के विरुद्ध राज्य की साइबर सैल ने उल्लेखनीय और ऐतिहासिक सफलता दर्ज करते हुए शत-प्रतिशत राशि सुरक्षित करने में सफलता प्राप्त की है। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त 173 शिकायतों में कुल ₹81.07 लाख की ऑनलाइन ठगी की सूचना प्राप्त हुई, जिस पर त्वरित तकनीकी एवं समन्वित कार्रवाई करते हुए ₹81.99 लाख की राशि समय रहते होल्ड कर ली गई। इस प्रभावी कार्रवाई के चलते साइबर ठग एक भी रुपया निकालने में सफल नहीं हो सके, जो 100 प्रतिशत रिकवरी का स्पष्ट प्रमाण है।
इसके अतिरिक्त नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, ₹2.46 लाख की प्रत्यक्ष रिकवरी की गई तथा अब तक कुल ₹87.66 लाख की राशि पीड़ितों को रिफंड कराई जा चुकी है। साइबर अपराध की रोकथाम के लिए 530 ठगी में प्रयुक्त मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए, 47 सोशल मीडिया प्रोफाइल व लिंक टेक-डाउन किए गए तथा नौ अपराधियों की क्राइम लिंकेज रिपोर्ट संबंधित राज्यों को साझा की गई।
हरियाणा पुलिस का संदेश
राज्य पुलिस ने दोहराया है कि प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, प्रत्येक अपराध पर कठोर प्रहार और प्रत्येक पीड़ित को न्याय व राहत देना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में 112 तथा साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। राज्य पुलिस जनता की सुरक्षा, विश्वास और सेवा के संकल्प के साथ पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।