गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल के जाम में फंसने के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी ट्रैफिक ने बड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में ट्रैफिक इंस्पेक्टर मनवीर सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, बीती 22 दिसंबर को मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल के गाजियाबाद आगमन के दौरान भारी जाम की स्थिति बन गई थी। इस दौरान सूचना मिलने के बावजूद ट्रैफिक इंस्पेक्टर मनवीर सिंह मौके पर करीब 15 मिनट की देरी से पहुंचे। देरी के चलते जाम की स्थिति और बिगड़ गई, जिससे मुख्य सचिव को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले की जांच के बाद डीसीपी ट्रैफिक ने कार्रवाई करते हुए मनवीर सिंह को टीआई-9 के चार्ज से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया है। साथ ही अब टीआई-9 की जिम्मेदारी ट्रैफिक इंस्पेक्टर संजीव चौहान को सौंपी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीआईपी ड्यूटी और ट्रैफिक प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नवाबी शहर के लोग खामियाजा झेलने को मजबूर
काबिले गौर है कि इससे बहुत ज्यादा ट्रैफिक अव्यवस्था राजधानी लखनऊ के पुराने इलाकों में दशकों से रोजाना बदस्तूर बनी रहती है, लेकिन उस ओर कभी किसी की नजरे इनायत नहीं पड़ती।
आलम यहां तक है कि शहर के कोने कोने में तय समयावधि में खाने पीने के सामान या पिज्जा, केक, बर्गर जैसे नामचीन फास्ट फूड या सामान्य भोजन परोसने पहुंचाने वाली कंपनियों अथवा प्रतिष्ठानों ने जाम की परमानेंट समस्या को देखते हुए इन इलाकों के बाशिंदों के लिए अपनी सर्विसेज बंद की हुई हैं, जिसका खामियाजा नवाबी शहर के लोग अक्सर झेलने को मजबूर हुए दिखते हैं।

और तो और जाम से दिन रात लबालब रहने वाले इलाकों में ओला उबर रेपिडो जैसी टैक्सी सर्विसेज के ड्राइवर्स भी आने से साफ मना कर देते हैं और वजह बनती है इन इलाकों की सड़कों पर पसरा जाम।