चंडीगढ़, 22 दिसंबर। हरियाणा विधान सभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन आज वरिष्ठ विधायक भारत भूषण बतरा ने प्रदेश के राजकीय विश्वविद्यालयों में 15 अगस्त 2024 तक पाँच वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले लगभग 700 पात्र अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियमितीकरण ( सेवा-सुरक्षा) का महत्वपूर्ण मुद्दा सदन में जोरदार ढंग से उठाया। कॉलेज के एक्सटेंशन लेक्चरर के नियमों के अनुरूप विश्वविद्यालयों में अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर पिछले 1 साल से रोजगार की गारंटी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विधायक बतरा ने स्पीकर एवं सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा विश्वविद्यालयों के अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों को सेवा-सुरक्षा देने का स्पष्ट आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों की शैक्षणिक योग्यता, चयन प्रक्रिया एवं वर्षों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें नियमित कर शीघ्र रोजगार की गारंटी प्रदान की जानी चाहिए।
हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन (हुकटा) के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा सेवा-सुरक्षा विधेयक के मसौदे से संबंधित लगभग समस्त प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। प्रक्रिया के अनुमोदन के उपरांत माननीय मुख्यमंत्री द्वारा यह इच्छा व्यक्त की गई कि शिक्षा विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों—कृषि एवं किसान कल्याण, बागवानी, पशुपालन एवं डेयरी, आयुष, खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता तथा स्वास्थ्य विभाग—के अधीन आने वाले विश्वविद्यालयों से भी अनुबंधित शिक्षकों से संबंधित जानकारी प्राप्त की जाए।
इसी क्रम में उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 9 दिसंबर 2025 को सभी संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों को पूर्व में गठित समिति के प्रारूप के अनुसार सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। हुकटा को पूर्ण विश्वास है कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यह जानकारी शीघ्र प्राप्त हो जाएगी, क्योंकि अधिकांश विश्वविद्यालयों में अनुबंधित शिक्षक कार्यरत नहीं हैं और जहाँ हैं, वहाँ भी 15 अगस्त 2024 तक पाँच वर्ष की सेवा पूर्ण नहीं होती।