शहीदों के सपनों को साकार करने में युवा निभाएं अग्रणी भूमिका : मुख्यमंत्री
पंजाब के नंगल में शहीदी दिवस पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश
न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 23 मार्च : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 23 मार्च का दिन भारत के इतिहास में अद्वितीय महत्व रखता है। यह दिन केवल स्मरण का नहीं, बल्कि संकल्प का दिन है, जब शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने हँसते-हँसते अपने प्राणों का बलिदान देकर राष्ट्र के स्वाभिमान को नई ऊँचाई प्रदान की। उन्होंने कहा कि इन अमर शहीदों की शहादत आज भी हर भारतीय के मन में देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित करती है।

मुख्यमंत्री सैनी सोमवार को नंगल, पंजाब में आयोजित ‘स्वदेशी मेला एवं युवा सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहीदों के सपनों के भारत के निर्माण का जीवंत संकल्प है। उन्होंने ‘सेंटर फॉर इकोनॉमिक पॉलिसी रिसर्च’ और ‘स्वदेशी जागरण मंच’ को इस प्रेरणादायी पहल के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में क्रांति का स्वरूप बदल चुका है। अब क्रांति तलवारों से नहीं, बल्कि विचारों, संकल्पों और सकारात्मक प्रयासों से आती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की क्रांति नशे के खिलाफ जनजागरण, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के माध्यम से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि ‘स्वदेशी’ आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है। जब नागरिक स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं, तो वे सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करते हैं और लाखों कारीगरों व छोटे उद्यमियों के जीवन में स्थिरता लाते हैं। स्वदेशी का यह मंत्र आपको अपने पैरों पर खड़ा करने का मंत्र है।

स्वदेशी केवल एक शब्द नहीं है बल्कि यह एक आर्थिक दर्शन है। उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का अभियान है। यह उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं बल्कि हमारी स्वदेशी भावना का उत्सव है। हमने स्वदेशी के संदेश को घर— घर तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को विदेश जाने की अंधी दौड़ से बचने की सलाह देते हुए कहा कि ‘डंकी रूट’ जैसे अवैध और जोखिम भरे रास्ते न केवल जीवन के लिए खतरा हैं, बल्कि परिवारों के सपनों को भी तोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अपार संभावनाएं हैं और युवा अपनी प्रतिभा के बल पर देश में ही सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

नशे की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की यह वीर भूमि, जो कभी दूध-दही के खाने के लिए जानी जाती थी, आज नशे के सौदागरों के निशाने पर है। नशा एक सामाजिक अभिशाप है, जो व्यक्ति से लेकर राष्ट्र तक को कमजोर करता है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और समाज में जागरूकता फैलाकर दूसरों को भी इस बुराई से मुक्त करने का संकल्प लें। उन्होंने योग, खेल और अनुशासित जीवनशैली को नशा मुक्ति का प्रभावी उपाय बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि हम अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहें और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा समृद्धि के लिए निरंतर कार्य करें।

उन्होंने उपस्थित युवाओं से सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे स्वदेशी अपनाएंगे, नशे के खिलाफ लड़ेंगे और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

उन्होंने हरियाणा की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण के प्रयास और डेयरी उत्पाद इस मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र हैं, जो प्रदेश की प्रगति और समृद्धि का परिचायक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नंगल का यह स्वदेशी मेला और युवा सम्मेलन देशभक्ति, आत्मनिर्भरता और युवा शक्ति के समागम का सशक्त मंच है।

उन्होंने आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल युवाओं को राष्ट्र निर्माण में नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगी।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने भाखड़ा नांगल डैम का दौरा किया और विस्तार से डैम की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

इस दौरान उच्चाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें विस्तार से डैम की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।