न्यूज़म ब्यूरो
समाना, 19मार्च : शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि मुख्यमंत्री भगंवत मान ने इन्वेस्ट पंजाब शिखर सम्मेलन के नाम पर धोखा किया है क्योंकि उन्होने पिछले चार सालों में राज्य मं 1.55 लाख करोड़ रूपये के निवेश का दावा किया है जबकि असलियत में यह निवेश केवल 2600 करोड़ रूपये का ही आया है।

अकाली दल अध्यक्ष ने यहां विशाल रैली को संबोधित करते हुए जिसमें उनके साथ समाणा हलका इंचार्ज जगमीत सिंह हरियाउ भी थे। उन्होने कहा कि पार्टी को पंजाब ब्यूरो आॅफ इन्वेस्टिगेशन प्रोमोशन डिपार्टमेंट से मिली नवीनतम आरटीआई जानकारी के अनुसार पिछले 4 सालों में पंजाब में केवल 2600 करोड़ रूपये का निवेश हुआ है। उन्होने कहा,‘‘ आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में पंजाब में टाटा स्टील लुधियाना ने 2600 करोड़ रूपये का एकमात्र निवेश किया है।’’सरदार बादल ने मुख्यमंत्री से झूठ बोलने के लिए स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में सिर्फ 1.55 लाख करोड़ रूपये का निवश आया है और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उन्होने कहा कि पार्टी लगातार दावा कर रही है कि जबरन वसूली और गैंगस्टरों के कारण निवेशक पंजाब में निवेश करने से डर रहे हैं। उन्होने कहा,‘‘ हम कानून का शासन लागू करने और उद्योग को रियायतें देने के लिए वचनबद्ध हैं ताकि 2027 में राज्य में ज्यादा निवेश आ सके।’’

समाणा में हो रही बेअदबी और उनसे निपटने के लिए सख्त कानूनों के खिलाफ लोगों के विरोध प्रदर्शनों के बारे में बात करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,‘‘ हम ऐसे मामलों में मृत्युदंड का प्रावधान करने वाला कानून बनाने का प्रयास करेंगें।’’ उन्होने कहा कि इससे पहले भी 2016 में पार्टी की सरकार के दौरान विधानसभा ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज के अपमान के लिए ताउम्र जेल का प्रावधान करने वाला कानून बनाया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे पारित नही किया। उन्होने यह भी बताया कि पंजाब में बेअदबी की घटनाएं 2014 में आम आदमी पार्टी की सरकार के आने के बाद ही शुरू हुई हैं और आप पार्टी के विधायक नरेश यादव को बेअदबी के मामले में दोषी ठहराया गया था।

सरदार बादल ने राज्य सरकार के उस निर्णय की भी निंदा की कि शिक्षकों को ड्रग्ज की जनगणना के लिए इस्तेमाल करने का फैसला लिया गया है। उन्होने कहा कि इससे सरकारी शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ तो पड़ेगा ही साथ ही बच्चों की पढ़ाई पर भी बहुत बुरा असर पड़ेगा। उन्होने कहा,‘‘ इस तरह के सर्वेक्षण करना शिक्षकों का काम नही है।’’ उन्होने शिक्षकों को तत्काल इस सर्वेक्षण से अलग करने की मांग की है।
सरदार बादल ने कहा कि दिल्ली की पार्टियां हमेशा से ही पंजाब के साथ भेदभाव करती आ रही हैं। उन्होने कहा कि राज्य के पुनर्गठन के समय पंजाब को अपनी राजधानी नही दी गई और पंजाबी भाषाई इलाकों को राज्य से बाहर रखा गया। उन्होने कहा,‘‘ कांग्रेस पार्टी ने रिपेरियन सिद्धंात का उल्लंघन करते हुए हमारी नदियों का आधा पानी राजस्थान को दे दिया। उन्होने कहा कि दिल्ली की पार्टियां सिर्फ सत्ता और लूटने के लिए आती हैं जबकि अकाली दल हर सुख-दुख में आपके साथ खड़ा रहा है।’’

पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा के बारे में बोलते हुए सरदार बादल ने कहा कि नेता उन विकास प्रोजेक्टों का श्रेय ले रहे हैं जिनकी परिकल्पना करने और उनको स्थापित करने वाले सरदार परकाश सिंह बादल थे। उन्होने कहा कि नेता अकाली दल को वित्तपोषित करने और बाढ़ राहत कार्यों पर करोड़ों रूपये खर्च करने का झूठा दावा कर रहे हैं, जबकि हकीकत में उन्होने ऐसा कुछ भी नही किया है।

पंजाब के लिए अपना दृष्टिकोण सांझा करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने घोषणा की कि अगली अकाली दल सरकार स्नातक स्तर तक सभी छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करेगी। उन्होने कहा कि अकाली दल कौशल यूनिवर्सिटी स्थापित करेगी और नौजवानों को 10 लाख रूपये का ब्याज मुक्त कर्जा प्रदान करने, आटा-दाल योजना का विस्तार करने, 3100 रूपये बुढ़ापा पेंशन, 1 लाख रूपये शगुन लाभ और पशु पालन पर 75फीसदी की सब्सिडी देने के लिए वचनबद्ध है।
इस अवसर पर संबोधित करने वाले अन्य नेताओं में एन के शर्मा, कबीर दास, मक्खन सिंह लालका, सरबजीत सिंह झिंझर, जसपाल सिंह बिटटू चटठा, अमित राठी, तेजिंदर सिंह संधू और अर्शदीप सिंह कलेर मौजूद थे।