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केजरीवाल के इशारे पर पंजाब के चंडीगढ़ पर दावे को कमजोर करने में लगे हैं भगवंत मान : बिक्रम सिंह मजीठिया

मजीठिया ने चंडीगढ़ SSP के लिए पैनल न भेजने पर पंजाब सरकार की मंशा पर खड़े किए गंभीर सवाल

60 : 40 कोटे के मुद्दे पर भी भगवंत मान गंभीर नहीं 


न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़  10 मार्च 2026 : सीनियर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने मंगलवार को पंजाब सरकार पर चंडीगढ़ में सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के पद के लिए अधिकारियों का पैनल न भेजने पर पंजाब सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए है ओर आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के इशारे पर भगवंत  मान पंजाब के दावे को कमजोर करने में लगा हुआ है क्योंकि पंजाब के ज्यादातर मुद्दे हरियाणा के साथ लंबित पड़े हुय है ओर केजरीवाल हरियाणा से है, जिसके कारण अरविंद केजरीवाल के इशारे पर पंजाब के दावों को कमजोर किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस कदम से पंजाब और हरियाणा के बीच लंबे समय से चले आ रहे 60 : 40 अधिकारी कोटा व्यवस्था के तहत केंद्र शासित प्रदेश में पंजाब का प्रशासनिक दावा भगवंत मान दिल्ली वालों के हाथों में खेल कर  कमजोर कर रहा है।

यह मुद्दा उठाते हुए, मजीठिया ने कहा कि पंजाब कैडर की IPS अधिकारी कंवरदीप कौर का SSP चंडीगढ़ के तौर पर तीन साल का कार्यकाल 4 मार्च, 2026 को खत्म हो गया था, लेकिन पंजाब सरकार ने उनकी जगह किसी और को लाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को अधिकारियों का अभी तक पैनल ही नहीं भेजा है।

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उन्होंने कहा कि कार्यकाल पूरा होने के बाद, कंवरदीप कौर को कथित तौर पर कैडर में बदलाव के लिए दो महीने की छुट्टी पर भेज दिया गया है, जिससे वह असल में पंजाब कैडर में वापस आ जाएंगी। पंजाब से पैनल न मिलने पर, हरियाणा कैडर के IPS अधिकारी सुमेरप्रताप बराड़ को SSP चंडीगढ़ का चार्ज दिया गया है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि यह घटनाक्रम चंडीगढ़ पर पंजाब के दावे पर भगवंत मान सरकार की गंभीरता की कमी को दिखाता है। उन्होंने कहा कि शहर का एडमिनिस्ट्रेशन अधिकारियों की पोस्टिंग के लिए पंजाब और हरियाणा के बीच 60:40 कोटा नियम का पालन करता है और पैनल भेजने में कोई भी देरी केंद्र को दूसरे कैडर के अधिकारियों को शामिल करने की अनुमति देती है।

उन्होंने आगे दावा किया कि चंडीगढ़ में तैनात पंजाब कैडर के दो PCS अधिकारियों के साथ भी ऐसी ही स्थिति पैदा हुई है। रुबिंदर बराड़ और हरसुहिंदर बराड़, जो चंडीगढ़ में सेवा दे रहे थे, कई महीने पहले इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में प्रमोट हुए थे, लेकिन तब से केंद्र शासित प्रदेश में उनके पंजाब कैडर के पद खाली हैं। जबकि चंडीगढ़ में हरियाणा कैडर  के आई ए एस, आई पी एस ओर एच सी एस अधिकारयों की जगह जगह तैनाती की जा रही है इस बीच, उन्होंने कहा कि केंद्र ने चंडीगढ़ में हरियाणा कैडर के अधिकारियों की मौजूदगी बढ़ाना जारी रखा है और AGMUT कैडर के अधिकारियों को भी शामिल कर रहा है।

मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए मजीठिया ने कहा कि इस तरह की चूक चंडीगढ़ में पंजाब के एडमिनिस्ट्रेटिव हिस्से को लेकर राज्य सरकार की गंभीरता के स्तर को दिखाती है और भगवंत मान सिर्फ कॉमेडी करने में व्यस्त है जबकि प्रशासनिक कामों पर उसका ध्यान कम ही नहीं बल्कि राजनीतिक कॉमेडी में ज्यादा लगा हुआ है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने अभी तक इन पदों को भरने के लिए कोई पैनल नहीं भेजा है।   उन्होंने कहा कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो केंद्र शासित प्रदेश के एडमिनिस्ट्रेशन में पंजाब की स्थिति और कमजोर हो सकती है।

इस मुद्दे ने एक बार फिर चंडीगढ़ में लंबे समय से चले आ रहे प्रशासनिक अरेंजमेंट और केंद्र शासित प्रदेश के गवर्नेंस स्ट्रक्चर में अपना हिस्सा सुरक्षित रखने में भगवंत सरकार की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

 

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