चंडीगढ़, 13 दिसंबर 2025 : हरियाणा पुलिस का राज्यव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ लगातार नई सफलताओं की ऊंचाइयां छू रहा है। अपराध और नशे के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के संकल्प के तहत 12 दिसंबर को पुलिस ने पूरे प्रदेश में एक साथ 805 नशा और जुआ हॉटस्पॉट्स पर दबिश दी। इस कार्रवाई में 210 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 69 नए मामले दर्ज किए गए। पिछले 12 दिनों में पुलिस ने 1117 एफआईआर दर्ज कर 2006 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 430 हिंसक अपराधी और अवैध हथियार रखने वाले 139 आरोपी शामिल हैं। इस अवधि में अवैध हथियार रखने के 99 नए मामले दर्ज किए गए। साथ ही हरियाणा पुलिस ने अंतरराज्यीय अपराध नियंत्रण को सशक्त करते हुए अन्य राज्यों के साथ 606 इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स साझा कीं ताकि अपराधी राज्य की सीमाओं को पार करके कानून से बच न सकें।
मादक पदार्थों और अवैध संपत्ति पर भारी प्रहार
अभियान के दौरान पुलिस ने अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ते हुए बड़ी मात्रा में नकदी, मादक पदार्थ और अवैध संपत्ति जब्त की। अब तक की कार्रवाई में 21.20 लाख रुपये नकद, 60.9 किलो गांजा, 1.6 किलो हेरोइन, 92 किलो अफीम की भूसी, 3.8 किलो चरस और 282 किलो चूरा पोस्त बरामद किए गए हैं। पुलिस ने 12 कारें और 51 दोपहिया वाहन भी जब्त किए हैं। केवल 12 दिसंबर की कार्रवाई में ही 183.3 ग्राम हेरोइन, 15 किलो अफीम की भूसी, एक किलो चरस और 29.9 किलो गांजा बरामद हुआ। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने 10,000 से अधिक नशीली टैबलेट्स, 29574 बोतल अंग्रेजी शराब, 8884 बोतल देसी शराब और 1801 लीटर अवैध शराब जब्त की है। वहीं हथियार बरामदगी के मामलों में पुलिस ने 49 देसी कट्टे, 63 पिस्टलें और 146 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। इस दौरान करीब 16 लाख रुपये मूल्य के अवैध सामान की ज़ब्ती भी की गई है।
मानवता की राह पर पुलिस का संवेदनशील चेहरा
इस विशेष अभियान ने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सामुदायिक पुलिसिंग की उत्कृष्ट मिसाल भी पेश की है। पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए 7210 जरूरतमंद और विपत्तिग्रस्त लोगों की सहायता की। गुरुग्राम, पंचकूला और भिवानी जिलों में पुलिस कर्मियों ने ठंड से बचाव के लिए जरूरतमंदों को कंबल और भोजन वितरित किए। ट्रैफिक पुलिस ने चौक-चौराहों पर लोगों को हेलमेट देकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया। इस मानवीय पहल ने पुलिस के ‘सेवा, सुरक्षा, सहयोग’ के आदर्श वाक्य को साकार रूप दिया है।
भिवानी पुलिस की बड़ी सफलता : बेंगलुरु से पकड़े गए रोहित बॉडीबिल्डर हत्याकांड के तीन मुख्य आरोपी
भिवानी पुलिस ने इस अभियान के तहत अपराध नियंत्रण में एक बड़ी सफलता दर्ज की है। सीआईए-1 भिवानी की टीम ने रोहित बॉडीबिल्डर हत्याकांड में शामिल तीन फरार आरोपियों को हजारों किलोमीटर दूर बेंगलुरु से गिरफ्तार किया। डीजीपी हरियाणा ओ. पी. सिंह के निर्देशों पर गठित विशेष टीम ने थाना सदर पुलिस, अपराध यूनिट और साइबर सेल के संयुक्त प्रयास से यह कार्रवाई की। मामला 27 नवंबर का है जब एक शादी समारोह में महिलाओं पर की गई अभद्र टिप्पणियों का विरोध करने पर रोहित पर घात लगाकर हमला किया गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शादी से लौटते समय रोहित की गाड़ी को टक्कर मारकर उसे बाहर निकाला और जानलेवा हमला किया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
मामले में थाना सदर भिवानी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने लगातार पीछा करते हुए 12 दिसंबर को बेंगलुरु में दबिश दी और तीनों आरोपियों — वरुण, तरुण (दोनों सगे भाई) और दीपक, निवासी तिगड़ाना, भिवानी — को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर हथियारों और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी कर रही है। भिवानी पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के मन में कानून का भय स्थापित करने और जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
साइबर अपराध पर निर्णायक प्रहार
हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ भी निर्णायक अभियान चलाते हुए राज्यभर में 19 ठगों को गिरफ्तार किया है। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज 341 शिकायतों में कुल 2.60 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 65.94 लाख रुपये ठगों के खातों तक पहुंचने से पहले ही फ्रीज कर दिए और 15.83 लाख रुपये की राशि पीड़ितों को वापस दिलवाई, जिससे लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
पंचकूला में निवेश के नाम पर 61 लाख की ठगी का खुलासा
पंचकूला में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 61 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया है। साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने विजय राठी (निवासी बागपत, उत्तर प्रदेश) और अशोक कुमार (निवासी पलवल) को दबोचा। रिमांड के दौरान पुलिस को इस गिरोह से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर और गिरफ्तारियां संभव हैं।
फरीदाबाद में फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब
फरीदाबाद में ‘ELVN Institution’ नामक फर्जी ऐप के जरिये निवेश के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने पंजाब के विभिन्न जिलों से कपिल देव, अरुण चौहान, रोहित राय, गुरइकबाल सिंह और अजय कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते ठगों को उपलब्ध कराए थे। कपिल देव के खाते में 3.69 लाख रुपये की ठगी का ट्रांजेक्शन पाया गया।
हांसी में ‘टास्क फ्रॉड’ का भंडाफोड़
हांसी पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए ‘टास्क पूरा करने’ के नाम पर 5.41 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले अनिकेत (निवासी हजिरा) और मोहन (निवासी ग्वालियर) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और नकद राशि बरामद की है।