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बाल मार्गदर्शन एवं परामर्श में पंजाब विश्वविद्यालय शुरू करेगा उन्नत डिप्लोमा कोर्स

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कोर्स छात्रों को विभिन्न परिस्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य गतिविधियों व स्किल विकसित करने में मदद करेगा 

चंडीगढ़, 12 दिसंबर : पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के मनोविज्ञान विभाग व सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र, मोहाली के सहयोग से बाल मार्गदर्शन एवं परामर्श में उन्नत डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू करेगा। पीयू और एसपीएनआईडब्ल्यूसीडी, मोहाली ने पीयू की कुलपति प्रो. रेणु विग और एसपीएनआईडब्ल्यूसीडी, मोहाली की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सुनीता शेषादरी की उपस्थिति में साझेदारी की शुरुआत के उपलक्ष्य में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 

आरसीआई द्वारा अनुमोदित इस पाठ्यक्रम की अवधि एक वर्ष होगी । यह शिक्षार्थियों को बच्चों और परिवारों के लिए मानसिक स्वास्थ्य गतिविधियों को क्रियान्वित करने के लिए प्रशिक्षित करेगा। इसमें स्कूलों, समुदायों और बाल देखभाल केंद्रों में संचरित इंटर्नशिप शामिल होगी। यह सहयोग छात्रों को अकादमिक संवर्धन और कैरियर के अवसर प्रदान करने के संयुक्त प्रयास का हिस्सा है।

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इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेनू विग ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और नशा मुक्ति अभियान को संबोधित करने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को समर्थन देने और सार्थक जुड़ाव के लिए सहकर्मी समूह बनाने की रणनीतियों का आह्वान किया। उन्होंने विभाग की पहल की सराहना की। साथ ही विश्वविद्यालय के विभागों, छात्रावासों आदि में सहकर्मी मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर सकने वाले बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के महत्व पर बल दिया।

मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. सीमा विनायक ने छात्रों के लिए टेली-काउंसलिंग शुरू करने, अनुसंधान सहयोग शुरू करने और इंटर्नशिप के अवसर सृजित करने की संभावनाओं की जानकारी हासिल करने का सुझाव दिया। इस कोर्स के लिए सहयोग के लिए विश्वविद्यालय को धन्यवाद देते हुए, एसपीएनआईडब्ल्यूसीडी, मोहाली की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सुनीता शेषादरी ने कहा कि यह साझेदारी इस क्षेत्र में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास को मजबूत करेगी।

इस दौरान अनुसंधान विकास प्रकोष्ठ की निदेशक प्रो. मीनाक्षी गोयल, रजिस्ट्रार प्रो. वाईपी वर्मा, कुलपति के सचिव प्रो. के.के. सलूजा सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। खेल निदेशक डॉ. राकेश मलिक और उपभोक्ता आयोग चंडीगढ़ के मध्यस्थ, प्रधानाध्यापक डॉ. मदनजीत सहिता भी उपस्थित थे।

 

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