एकमात्र अर्धसैनिक बल अधिकारी हैं जिन्हें प्रतिष्ठित महावीर चक्र से सम्मानित किया गया
जालंधर, 11 दिसम्बर : सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने आज राजा मोहतम दिवस को श्रद्धापूर्वक मनाते हुए 1971 के भारत-पाक युद्ध में असाधारण साहस और सर्वोच्च बलिदान देने वाले महावीर चक्र से सम्मानित सहायक कमांडेंट आर.के. वाधवा तथा उनके वीर साथियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की ।

6/7 दिसम्बर 1971 की रात, वाधवा ने बीएसएफ की टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में स्थित सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राजा मोहतम पोस्ट को पुनः अपने कब्ज़े में लेने के लिए एक साहसिक हमला किया।

पाकिस्तानी सेना से भीषण और निर्णायक युद्ध के बाद इस पोस्ट को वीरतापूर्वक वापस प्राप्त कर लिया गया । इस ऐतिहासिक युद्ध में वाधवा ने अद्वितीय नेतृत्व का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।

वह एकमात्र अर्धसैनिक बल अधिकारी हैं जिन्हें प्रतिष्ठित महावीर चक्र से सम्मानित किया गया है। उनके वीर साथियों को भी उनकी बहादुरी के लिए विभिन्न वीरता सम्मान प्रदान किए गए।
सीमा सुरक्षा बल में पंजाब फ्रंटियर के जन संपर्क अधिकारी ने बताया, 11 दिसम्बर 2025 को बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के महानिरीक्षक डॉ. अतुल फुलज़ेले, IPS ने राजा मोहतम स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीदों के परिजनों का सम्मान किया। साथ ही सीमावर्ती समुदायों के अटूट सहयोग और राष्ट्र सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की।

अपनी गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए बीएसएफ पंजाब ने एक प्रेरणादायक लघु फिल्म “राजा मोहतम: द अनटोल्ड सागा ऑफ बीएसफ ब्रेवरी ” बनाई है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करना है।

इस फिल्म को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भरपूर सराहना मिली है।

राजा मोहतम दिवस अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्यनिष्ठा का गौरवपूर्ण प्रतीक है, जो पूरे राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।