Follow

खेलों को नई उड़ान, युवाओं को नई पहचान देगा हरियाणा का बजट : नायब सिंह सैनी

Listen to this article

खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता का बजट 1,603.75 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,200.63 करोड़  रुपये किया, फिटनेस से लेकर उद्यमिता तक की हैं व्यापक योजनाएं

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 2 मार्च : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा आज हरियाणा विधान सभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट में खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता को नई दिशा और नई गति देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 1,603.75 करोड़ रुपये को 37.22 प्रतिशत बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 2,200.63 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में यह वृद्धि स्पष्ट करती है कि हरियाणा सरकार खेल प्रतिभाओं को विश्व मंच पर स्थापित करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Advertisement

खेलों को नई पहचान, मिशन ओलंपिक 2036 की ओर है बड़ा कदम 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की पहचान देश में खेलों के हब के रूप में है। इसे और सशक्त बनाने के लिए वर्ष 2026-27 में पूरे राज्य में ‘फिट हरियाणा अभियान’ शुरू किया जाएगा, जिसका शुभारंभ 30 सितंबर 2026 से किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक नागरिक में स्वस्थ जीवन शैली और फिटनेस के प्रति जागरूकता पैदा करना है। राज्य के होनहार खिलाड़ियों को नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण देने और अधिक पदक अर्जित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। प्रत्येक जिले में एक सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर मिल सकें। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में एक ‘खेलो इंडिया लघु केंद्र’ स्थापित कर उसका संचालन किसी पूर्व चैंपियन खिलाड़ी को सौंपा जाएगा, ताकि अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ नई पीढ़ी को मिल सके।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल ढांचे को सुदृढ़ करते हुए कैथल, झज्जर, चरखी दादरी, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, जींद, रोहतक, फरीदाबाद, यमुनानगर, सोनीपत, फतेहाबाद और पलवल में 21 नए खेल स्टेडियमों का निर्माण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘मिशन ओलंपिक 2036’ योजना के अंतर्गत वैज्ञानिक पद्धति से प्रतिभा खोज अभियान पूरे राज्य में प्रारंभ किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक स्तर पर ही खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि दौलताबाद स्थित राजीव गांधी खेल परिसर को अपग्रेड कर राज्य का पहला अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से युक्त पैरा खेल स्टेडियम बनाया जाएगा, जहाँ दिव्यांग खिलाड़ियों की विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप खेल अवसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

युवा सशक्तिकरण: कौशल, रोजगार और उद्यमिता पर है फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के अंतर्गत भी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की गई है। ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए 6 करोड़ रुपये की लागत से 6 मोबाइल स्किल लैब स्थापित की जाएंगी। इनमें ईवी मेंटेनेंस, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर तथा डिजिटल सेवाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अंत्योदय परिवारों के युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम’ शुरू की जाएगी, जिसके अंतर्गत अप्रेंटिसशिप के दौरान वर्तमान छात्रवृत्ति के अतिरिक्त 1,500 रुपये प्रति माह की सहायता प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए ‘पिंक कैब योजना’ शुरू की जाएगी। इसके तहत महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद हेतु 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को निकटवर्ती आईटीआई परिसरों में आईटीआई शिक्षकों द्वारा कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि स्कूली स्तर से ही रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा मिले।

वर्ष 2026-27 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा एवं उन्नत विनिर्माण जैसे उभरते उद्योगों के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली (डीएसटी) योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को ₹2,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि पलवल स्थित श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में 3-4 माह के ब्रिज कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिससे शैक्षणिक ज्ञान और उद्योग उपयोगी कौशल के बीच की दूरी समाप्त की जा सके। सभी सरकारी एवं निजी आईटीआई के प्रत्येक ट्रेड के जिला टॉपर विद्यार्थियों को मुफ्त उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

पीएम सेतु योजना के अंतर्गत सोनीपत और कुरुक्षेत्र में 241 करोड़ रुपये की लागत से एक-एक हब-एंड-स्पोक आईटीआई क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये की लागत से करनाल, हिसार, रोहतक, गुरुग्राम और पलवल में पाँच नए युवा छात्रावास बनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के शैक्षणिक संस्थानों में वर्ष भर विशेष व्यावसायिक मार्गदर्शन एवं करियर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक ‘स्टेट स्किल फैकल्टी ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर’ स्थापित किया जाएगा।

युवाओं को उद्यमी बनाने के उद्देश्य से 60 करोड़ रुपये की लागत से 3 ‘राज्य उद्यमिता विकास संस्थान’ स्थापित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक वर्ष 1000 युवाओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी और इनमें 30 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी।

हरियाणा को खेल और कौशल की राजधानी बनाने की दिशा में उठाए गए हैं ठोस कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय प्रावधान नहीं, बल्कि हरियाणा के युवाओं के सपनों को साकार करने का रोडमैप है। खेलों में उत्कृष्टता, कौशल में दक्षता और उद्यमिता में आत्मनिर्भरता के माध्यम से हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा।

 

What are your Feelings
Advertisement
Tap to Refresh