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एअर इंडिया ने फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के पायलट को नौकरी से निकाला, साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट आया था पॉजिटिव

4 अगस्त की उड़ान में तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टम फेल होने से बंद हुआ था ऑटोपायलट, विमान करीब 300 फीट नीचे आया था; हादसे में 20 यात्री और 4 क्रू मेंबर हुए थे घायल

Rahul Gupta

नई दिल्ली, 4 सितंबर।

एअर इंडिया ने सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फुकेट से दिल्ली आने वाली फ्लाइट एआई2379 के पायलट-इन-कमांड की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। जांच के दौरान पायलट के टेस्ट में साइकोएक्टिव सब्सटेंस यानी नशीले या मानसिक प्रभाव डालने वाले पदार्थ की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी।

एअर इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरलाइन ने पायलट के खिलाफ की गई कार्रवाई को अपनी जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया है और स्पष्ट किया कि सुरक्षा, फिटनेस या नियामकीय नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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जांच में पायलट का टेस्ट आया पॉजिटिव

एअर इंडिया के प्रवक्ता के मुताबिक फुकेट-दिल्ली उड़ान के पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट पॉजिटिव आया था। इसके बाद एयरलाइन ने बिना देरी किए उसकी नौकरी समाप्त करने का फैसला लिया।

कंपनी ने कहा कि पायलटों की फिटनेस और सरकारी नियमों के तहत तय सुरक्षा मानकों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विमान उड़ाने वाले पायलट का नशीले या साइकोएक्टिव पदार्थ से जुड़ा टेस्ट पॉजिटिव आना गंभीर सुरक्षा मामला माना जाता है।

एएआईबी रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

पायलट के खिलाफ यह कार्रवाई एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी एएआईबी की रिपोर्ट के बाद सामने आई। रिपोर्ट में मामले से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद एअर इंडिया ने अपने स्तर पर कार्रवाई की।

एयरलाइन ने दोहराया कि उड़ानों के संचालन में सुरक्षा नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी के मुताबिक किसी भी कर्मचारी की ओर से सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी और पद या जिम्मेदारी के आधार पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी।

4 अगस्त को फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में हुआ था गंभीर घटनाक्रम

दरअसल यह मामला 4 अगस्त 2026 को फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट एआई2379 से जुड़ा है। विमान करीब 36 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी उसके तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टम में अचानक खराबी आ गई।

हाइड्रॉलिक सिस्टम में खराबी के बाद ऑटोपायलट बंद हो गया और विमान में स्टॉल की चेतावनी सामने आई। इसके बाद विमान कुछ ही सेकंड में करीब 300 फीट नीचे आ गया। इस दौरान 20 यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हुए थे।

को-पायलट का टेस्ट आया था निगेटिव

घटना के बाद विमान सुरक्षित दिल्ली पहुंचा था। इसके बाद जांच के दौरान विमान में मौजूद दोनों पायलटों का नशीले पदार्थों से जुड़ा टेस्ट कराया गया।

जांच में को-पायलट की रिपोर्ट निगेटिव आई, जबकि पायलट-इन-कमांड के टेस्ट में साइकोएक्टिव सब्सटेंस की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसी के बाद एअर इंडिया ने पायलट की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं।

सुरक्षा नियमों पर एअर इंडिया का सख्त रुख

एअर इंडिया ने कहा है कि वह सुरक्षा मानकों को लेकर लगातार सख्त कदम उठा रही है। एयरलाइन के मुताबिक उड़ान संचालन से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में कर्मचारी के पद या जिम्मेदारी के आधार पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। इस मामले में पायलट की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई को भी इसी सख्त नीति के तहत देखा जा रहा है।

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